रायपुर। त्योहारी सीजन शुरू होने के बावजूद राजधानी के बाजारों में रौनक नजर नहीं आ रही है। लगातार बढ़ती महंगाई और विभिन्न उत्पादों की कीमतों में इजाफे का असर कारोबार पर पड़ रहा है। डूमरतराई के थोक बाजार से लेकर सराफा, मोबाइल और कंप्यूटर कारोबार तक कई सेक्टरों में कारोबार 40 से 60 फीसदी तक प्रभावित होने का दावा कारोबारियों ने किया है। सबसे बड़े थोक बाजार डूमरतराई में कारोबार करीब 50 फीसदी तक घटने की बात कही जा रही है।
डूमरतराई में वाहनों की आवक घटी
डूमरतराई राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल है। यहां प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा ओडिशा, झारखंड और आंध्रप्रदेश से भी कारोबारी खरीदी करने पहुंचते हैं। कारोबारियों के मुताबिक सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन करीब 12 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। बाहर से रोजाना करीब 50 बड़े ट्रकों में माल पहुंचता है, जबकि प्रदेश के विभिन्न शहरों से भी करीब 30 मेटाडोर में माल आता है। वर्तमान में मांग घटने के कारण वाहनों की आवक भी कम हो गई है। अब छोटे-बड़े मिलाकर करीब 40 वाहनों में ही माल पहुंच रहा है। कारोबारी जरूरत के हिसाब से ही माल मंगा रहे हैं।
मोबाइल कारोबार पर भी असर
मोबाइल बाजार भी बढ़ती कीमतों से प्रभावित है। कारोबारियों के मुताबिक 5जी मोबाइल की कीमतों में करीब 75 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इससे इस क्षेत्र का कारोबार 60 फीसदी से ज्यादा प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। अब 20 हजार रुपए से कम कीमत में 5जी मोबाइल के विकल्प सीमित होने के कारण ग्राहक 10 से 15 हजार रुपए के बजट में 4जी मोबाइल या पुराने मोबाइल की ओर रुख कर रहे हैं। पुराने मोबाइल की मांग बढ़ने से इसकी उपलब्धता भी प्रभावित हुई है।
कारोबारियों के अनुसार मोबाइल की कीमत बढ़ने के पीछे चिप की कमी प्रमुख कारणों में से एक है। मोबाइल में इस्तेमाल होने वाली चिप की कीमत करीब ढाई गुना तक बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
कंप्यूटर बाजार में भी सुस्ती
कंप्यूटर और लैपटॉप की कीमतें बढ़ने का असर भी बिक्री पर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार पार्ट्स महंगे होने के कारण असेम्बल कंप्यूटर का कारोबार करीब 80 फीसदी तक प्रभावित हुआ है। ग्राहक कीमतों में बढ़ोतरी के कारण खरीदारी टाल रहे हैं या पुराने उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सराफा बाजार भी प्रभावित
सोने-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की घटती रुचि का असर सराफा कारोबार पर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक प्रदेश में सामान्य दिनों में सोने-चांदी का रोजाना करीब 50 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इसमें करीब 30 करोड़ रुपए का कारोबार निवेश से जुड़ा रहता है। वर्तमान में निवेशकों की खरीदारी कम होने से इस हिस्से का कारोबार प्रभावित हुआ है। आम ग्राहकी में भी करीब 50 फीसदी तक कमी आने की बात कही जा रही है। कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल रोजाना करीब 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार ही हो रहा है।
पितृपक्ष में और कमजोर पड़ सकती है मांग
कारोबारियों को आने वाले पितृपक्ष को लेकर भी चिंता है। इस अवधि में सामान्य तौर पर मांग कमजोर रहने के कारण बाजार पर दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कारोबारियों को उम्मीद है कि पितृपक्ष के बाद नवरात्रि से बाजार में फिर से ग्राहकी बढ़ेगी। हालांकि कारोबार पूरी तरह कब पटरी पर लौटेगा, इसे लेकर कारोबारी अभी असमंजस में हैं।
