Marwahi by-election : सियासत, नजरिया और समर्पण का दो बदलता चेहरा

Marwahi by-election, two changing faces of politics, attitude and dedication,

Marwahi by election

रायपुर। Marwahi by-election : सियासत इतनी जल्दी रंग बदलती है कि गिरगिट भी शर्मा जाए। मरवाही उपचुनाव 2020 में ऐसे कई पल आज भी सामने आए कि लोग हथप्रभ हो गए। एक वक्त था जब मंत्री अमरजीत भगत स्वर्गीय अजीत जोगी के सबसे चेहते शिष्य थे।

अब वो मरवाही (Marwahi by-election) में उसी परिवार से दूर होकर कांग्रेस और मरवाही से अपना स्वतंत्र रिश्ता बनाते नजर आए। इसके ठीक उलट आज ही के दिन भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह की प्रचार सभा में पुलिस अफसर से जोगी पार्टी के विधायक बनकर जलवा अफरोज हुए गुंडरदेही के पूर्व विधायक आरके.राय बीजेपी के लिए वोट मांगने पहुंच गए।

दोनों ही सियासी चेहरे घोषित तौर पर प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की ही देन हैं। एक कांग्रेस के लिए जोगी परिवार से किनाराकश करते हुए पार्टी प्रत्याशी के प्रचार के लिए जुटा हुआ है। वहीं दूसरा जोगी पार्टी से विधायक रहे और महज जोगी परिवार के अपमान का बदला लेने के लिए भाजपा संग प्रचार करने में इंट्रेस्टेड दिखा।

अपमान से आहत हूं, भाजपा के प्रचार में आया हूं-राय

कट्टर जोगी समर्थक और पूर्व विधायक आरके राय मरवाही में भाजपा के मंच पर आमंत्रित थे। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ पहली पंक्ति में बैठकर वे साबित कर दिए कि जेसीसीजे सुप्रीमो अजीत जोगी के अपमान से आहत होकर बीजेपी के लिए प्रचार करने पहुंचे हैं।

उन्हों ने यह भी खुलासा कर दिया है कि वे रायपुर में बीजेपी की औपचारिक सदस्यता लेंगे। नवागांव में आयोजित बीजेपी की सभा में शामिल होने पहुंचे और मंच के नीचे बैठे थे। तभी मंचासीन भाजपा के दिग्गज नेताओं की नजर उनपर पड़ी। रमन सिंह ने मुस्कुराकर उनका स्वागत किया और मंच पर बुलाकर पहली पंक्ती में बैठने को कहा।

श्री राय भी बिना सोचे-समझे सीधे मंच पर पहुंच बीजेपी के दिग्गज नेताओं के संग बैठकर जोगी परिवार के मतदाताओं को एक तरह का संदेश दे दिये कि बीजेपी को वोट दें। मंच पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह, क़द्दावर आदिवासी नेता रामविचार नेताम मौजुद थे।

जोगी कुनबे से संपर्क नहीं, वे कांग्रेस आए न आएं: भगत

Marwahi by-election; उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी के प्रचार के लिए पहुंचे मंत्री अमरजीत भगत ने दावा किया कि उनका अब जोगी परिवार से कोई भी नाता-रिश्ता या संपर्क नहीं है। उन्हों ने आई दूरियों को दोबारा इस शब्द से जाहिर किया और कहा कि वे(जोगी परिवार)कांग्रेस में आए ना आए।

मंत्री भगत का कहना था कि मुझसे सलाह मांगते तो कांग्रेस के लिए काम करने की सलाह देता। परंतु कोई बात ही नहीं, क्योकि यह प्रश्न मेरे स्तर से उपर का है कि वे कांग्रेस में आएं या ना आएं। बता दें कि मरवाही में एक वक्त था जब भूपेश केबिनेट के मंत्री अमरजीत भगत अजीत जोगी के शिष्य हुआ करते थे।

मरवाही (Marwahi by-election) की हर गलियों में वे कभी जोगी परिवार के संग प्रचार, सियासत के लिए घूमा करते थे। अपने गुरु अजीत जोगी के प्रति उन्हों ने कभी अपने भाव भी नहीं छुपाए। यह भी उतना ही सच है कि कांग्रेस के प्रति भी वे पूरी निष्ठा रखते हैं।

प्रचार के लिए आज उनके शब्दों में जोगी परिवार को पीछे कहीं दूर छोड़ आने और कांग्रेस के लिए निष्ठा का संदेश था। उन्हों ने प्रचार भाषण में कहा मैं पहले भी आता रहा हूं..लगातार आया हूं…कांग्रेस के सदस्य के तौर पर।

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