छत्तीसगढ़

Land Subsidence : बालोद के भानपुरी में किसान के खेत में रहस्यमयी भूस्खलन, लगातार धंस रही जमीन से ग्रामीणों में दहशत

बालोद जिले के विकासखंड गुरुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भानपुरी में किसान के खेत (Land Subsidence) में हुए रहस्यमयी भूस्खलन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव निवासी खेलन साहू के खेत में अचानक जमीन धंसने से गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का दावा है कि गड्ढे की गहराई लगातार बढ़ रही है और आसपास की जमीन में भी दरारें दिखाई देने लगी हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल भूस्खलन के कारणों का पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल भू-वैज्ञानिक जांच कराने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार घटना गुरुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भानपुरी में किसान खेलन साहू (पिता लेखुराम साहू) के कृषि खेत में हुई। खेत में अचानक जमीन का एक हिस्सा धंस गया, जिससे वहां गहरा गड्ढा बन गया। पहले लोगों को सामान्य धंसाव का आभास हुआ, लेकिन कुछ ही देर में जमीन का बड़ा हिस्सा नीचे बैठ गया। इसके बाद गांव में घटना की जानकारी तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने लगे।

धीरे-धीरे बढ़ रही गहराई, बढ़ी चिंता Land Subsidence

ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढा बनने के बाद भी जमीन का धंसना पूरी तरह नहीं रुका है। प्रभावित स्थान की गहराई लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। इससे आसपास की कृषि भूमि पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर लोगों को गड्ढे के पास जाने से मना किया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति का आकलन नहीं किया गया तो धंसाव का दायरा और बढ़ सकता है, जिससे आसपास के खेत भी प्रभावित हो सकते हैं।

खेती पर मंडराया संकट

किसान खेलन साहू ने बताया कि उनके खेत में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई। अचानक जमीन धंसने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। खेत का एक हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया है और अब भविष्य में खेती को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि धंसाव आगे बढ़ा तो कृषि योग्य भूमि का बड़ा हिस्सा बेकार हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और कारणों की जांच कर उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

बारिश के बाद बदली जमीन की स्थिति

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है। इसके बाद से जमीन की स्थिति में बदलाव देखा जा रहा था। हालांकि भूस्खलन का वास्तविक (Land Subsidence) कारण क्या है, इसका पता विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा। लोगों का मानना है कि भूगर्भीय हलचल, मिट्टी का कटाव, भूमिगत जल प्रवाह या अन्य प्राकृतिक कारणों से यह घटना हुई हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना वैज्ञानिक जांच के किसी भी कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

भू-वैज्ञानिक जांच और सुरक्षा की मांग

घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व विभाग, भू-वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच करे। साथ ही प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कर यह पता लगाया जाए कि धंसाव का दायरा कितना है और भविष्य में इससे कितना खतरा हो सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक प्रभावित स्थान के चारों ओर सुरक्षा (Land Subsidence) घेरा बनाया जाए, ताकि कोई व्यक्ति या मवेशी दुर्घटना का शिकार न हो। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो लगातार धंसती जमीन आसपास की कृषि भूमि और अन्य क्षेत्रों के लिए भी खतरा बन सकती है।

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