बलौदाबाजार जिले में नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले आवासहीन लोगों को लेकर बड़ी कवायद शुरू (Land Patta) होने जा रही है। प्रशासन अब ऐसे परिवारों का सर्वे कराने की तैयारी में है जो लंबे समय से जमीन पर काबिज हैं लेकिन उनके पास कानूनी पट्टा नहीं है। इस खबर के सामने आने के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
शहर और कस्बों के कई परिवार वर्षों से जमीन पर रह रहे हैं और अब उन्हें उम्मीद जगी है कि उन्हें अधिकार मिल सकता है। प्रशासनिक बैठकों के बाद राजस्व और नगरीय निकाय विभाग भी सर्वे की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल्द शुरू होगा सर्वे : Land Patta
Kuldeep Sharma ने अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन लोगों को पट्टा देने के लिए सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए राजस्व और नगरीय निकाय विभाग के अधिकारियों को मिलाकर सर्वे दल बनाए जाएंगे।
15 जून तक पूरा करना होगा काम
प्रशासन ने सभी एसडीएम को प्राधिकृत अधिकारी बनाने की बात (Land Patta) कही है। उनकी निगरानी में सर्वे का काम 15 जून तक पूरा करना होगा। इसके बाद तैयार रिपोर्ट शासन को 15 अगस्त 2026 तक भेजी जाएगी ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
किन लोगों को मिलेगा लाभ
नियमों के अनुसार ऐसे आवासहीन व्यक्ति जो 20 अगस्त 2017 से लगातार जमीन पर काबिज हैं, उन्हें अधिकतम 800 वर्गफुट तक जमीन का पट्टा दिया जाएगा। यदि कब्जा इससे अधिक जमीन पर है तो अतिरिक्त हिस्से के लिए राशि जमा करनी होगी। राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त जमीन खाली कराई जा सकती है।
पात्रता के लिए तय किए गए नियम
पट्टा पाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है तो केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही पात्र माना जाएगा। एक परिवार को केवल एक ही पट्टा दिया जाएगा।
इन दस्तावेजों से होगा सत्यापन
जमीन पर कब्जे के सत्यापन के लिए मतदाता सूची, बिजली बिल, टेलीफोन बिल और जल कर रसीद जैसे दस्तावेज (Land Patta) मांगे जाएंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन लोगों के मकान पहले से बन चुके हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
