सरगुजा जिले के सीतापुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की ज्वेलरी उठाईगिरी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी (Sitapur Protest) नहीं होने पर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। शुक्रवार को नगर बंद के साथ व्यापारियों ने नेशनल हाईवे 43 पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
व्यापारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए दोपहर 12 बजे से कारगिल चौक के पास प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।
पांच दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर Sitapur Protest
रविवार को सीतापुर के काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरुण सोनी दुकान खोलने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूटी में टंगा सोने और चांदी के आभूषणों से भरा बैग उठाईगीर लेकर फरार हो गए। बैग में एक करोड़ रुपये से अधिक की ज्वेलरी बताई गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
नगर बंद, हाईवे पर लगा लंबा जाम
व्यापारी संघ के आह्वान पर दवा दुकानों को छोड़कर नगर की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। इसके बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे 43 पर चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जबकि एम्बुलेंस, स्कूली बसों और यात्री वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया।
पूर्व मंत्री ने भी दिया समर्थन Sitapur Protest
व्यापारियों के आंदोलन को पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शन को देखते हुए कारगिल चौक सहित नगर के कई प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ओडिशा के गिरोह पर पुलिस का शक
पुलिस जांच में अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों की भूमिका सामने आने की बात कही (Sitapur Protest) जा रही है। अधिकारियों को संदेह है कि इस वारदात के पीछे ओडिशा का कुख्यात गिरोह हो सकता है। पुलिस की टीमें अलग अलग राज्यों में जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
