छत्तीसगढ़

Best Poster Award : अंतरराष्ट्रीय मंच पर आईआईटी भिलाई की बड़ी उपलब्धि, पॉलिमर विज्ञान में शोधकर्ताओं ने जीता सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए यह क्षण गौरव और उपलब्धि से भरा (Best Poster Award) रहा, जब संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग से जुड़े शोधार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतिष्ठित पॉलिमर विज्ञान सम्मेलन में अपनी उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतियों के दम पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार हासिल किया। यह सम्मान एसपीएसआई मैक्रो 2025 के तहत आयोजित अठारहवें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में प्रदान किया गया,

https://youtu.be/w66toFnG6ms

जो 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान कोलकाता में आयोजित हुआ था, जहां दुनिया भर से वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग (Best Poster Award) लिया। आईआईटी भिलाई के शोधार्थी डॉ. संजीब बैनर्जी के मार्गदर्शन में उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों पर कार्य कर रहे हैं और उनकी शोध प्रस्तुतियों को तकनीकी नवीनता, व्यावहारिक उपयोगिता और वैज्ञानिक गहराई के लिए विशेष रूप से सराहा गया। शोधार्थी स्वरूप माईती को ऐसे स्व-उपचारक इलास्टोमरों के विकास पर किए गए कार्य के लिए सम्मानित किया गया,

जो प्रभाव सहनशीलता और कंपन अवशोषण जैसी आधुनिक सुरक्षा आवश्यकताओं में उपयोगी हो सकते हैं, वहीं निशिकांत को त्रि-आयामी मुद्रण के लिए स्मार्ट इंजेक्टेबल स्याही के निर्माण पर आधारित उनके शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला, जिसमें प्रकाश-प्रेरित बहुलकीकरण की नई रणनीति प्रस्तुत (Best Poster Award) की गई। इसके अलावा सुदीप्त पॉल को ताप-संवेदी और पराबैंगनी किरण अवरोधक पॉलिमरिक संरचना पर किए गए शोध के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग स्मार्ट विंडो और सुरक्षा तकनीकों में किया जा सकता है।

https://www.youtube.com/watch?v=32K1xKVM8Ho

यह उपलब्धि न केवल आईआईटी भिलाई में हो रहे उच्च-स्तरीय अनुसंधान को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित (Best Poster Award) करती है कि संस्थान सतत प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सामग्री और ऊर्जा-कुशल समाधानों के क्षेत्र में तेजी से अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर रहा है। संकाय सदस्यों और शोध समुदाय ने इस सफलता को संस्थान के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां आईआईटी भिलाई को भविष्य के अग्रणी अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

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