Hydrogen Train India : जींद पहुंची देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, इसी माह पटरी पर उतरने की तैयारी
Hydrogen Train India
हरियाणा के रेल मानचित्र पर एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। जींद–सोनीपत रेलखंड पर चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन गुरुवार शाम जींद पहुंची। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में निर्मित यह अत्याधुनिक ट्रेन दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन से दिल्ली–बठिंडा रेल ट्रैक के रास्ते जींद लाई गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसी माह यह ट्रेन नियमित संचालन के लिए पटरी पर उतरेगी। यह उपलब्धि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना (Hydrogen Train India) के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
इस ट्रेन में दो डीपीसी यानी ड्राइवर पावर कार और आठ यात्री बोगियां शामिल हैं। जींद रेलवे स्टेशन पर लोड चेक के लिए इसका फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद आरडीएसओ और ग्रीन-एच कंपनी के अधिकारी संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगे। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद जींद–सोनीपत रूट पर इसका संचालन शुरू होगा।
ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो इसे तकनीकी रूप से भी विशेष बनाती है। यह पूरा प्रयोग भारतीय रेलवे हाइड्रोजन मिशन (Hydrogen Train India) के तहत किया जा रहा है।
हाइड्रोजन फ्यूल से संचालित यह ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है। डीजल ट्रेनों के विपरीत इसके इंजन से धुएं के बजाय केवल पानी और भाप निकलती है, जिससे शून्य कार्बन उत्सर्जन होता है।
साथ ही, शोर न होने से ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होगा। 1200 हार्स पावर क्षमता वाला इंजन इसे विश्व की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल करता है। यह पहल ग्रीन रेलवे पहल (Hydrogen Train India) की दिशा में बड़ा कदम है।
जींद जंक्शन पर लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से हाइड्रोजन गैस प्लांट तैयार किया जा रहा है, जहां फिलहाल टेस्टिंग चल रही है। प्लांट में 3000 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस भंडारण की क्षमता विकसित की गई है।
वर्षा जल संग्रह से पानी की आपूर्ति कर पर्यावरण संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर देशभर में हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन का मार्ग खुलेगा, जिससे भविष्य की रेल परिवहन योजना (Hydrogen Train India) को नई दिशा मिलेगी।
