Himanta CM : दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हिमंता, विधायक दल की बैठक के बाद लिया गया फैसला

असम में रविवार सुबह से राजनीतिक हलचल तेज रही। राजधानी में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही लगातार बनी रही। विधायक दल की बैठक को लेकर पार्टी दफ्तर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी रही और हर तरफ बस एक ही चर्चा सुनाई देती रही कि आखिर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे मिलने जा रही है। बैठक खत्म होते ही कार्यकर्ताओं के बीच जश्न जैसा माहौल बन गया।
पार्टी दफ्तर के बाहर ढोल नगाड़ों के साथ समर्थकों ने खुशी (Himanta CM) जाहिर की। कई नेता लगातार बैठक कक्ष के अंदर बाहर आते जाते दिखे। जैसे ही हिमंता बिस्वा सरमा के नाम पर सहमति की खबर सामने आई, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। अब 12 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
विधायक दल का नेता चुने गए हिमंता : Himanta CM
डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही अब उनका दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। वह 12 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की तैयारी है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को लेकर भी काफी चर्चा बनी हुई है।
पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई बैठक
बीजेपी नेतृत्व ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया था। इसी सिलसिले में विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई, जहां औपचारिक रूप से नेता का चुनाव (Himanta CM) किया गया। हिमंता बिस्वा सरमा ने 6 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और फिलहाल कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब नई सरकार के गठन के साथ वह लगातार दूसरी बार राज्य की कमान संभालेंगे।
चुनाव में गठबंधन को बड़ी बढ़त
असम विधानसभा की 126 सीटों में बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं सहयोगी दलों को भी अच्छा समर्थन मिला है। असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 10 10 सीटें हासिल की हैं। इस तरह गठबंधन ने कुल 102 सीटों के साथ मजबूत बहुमत हासिल किया है। चुनाव नतीजों के बाद से ही राज्य में नई सरकार को लेकर हलचल बनी हुई थी।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति (Himanta CM) से की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के सक्रिय नेता के रूप में पहचान बनाई। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और धीरे धीरे राज्य की राजनीति में मजबूत चेहरा बनकर उभरे।
स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बड़े विभाग संभालने के दौरान उनकी प्रशासनिक शैली काफी चर्चा में रही। बाद में कांग्रेस छोड़कर उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और पूर्वोत्तर की राजनीति में अहम रणनीतिक भूमिका निभाई।
पूर्वोत्तर की राजनीति में बढ़ा कद
बीजेपी में शामिल होने के बाद हिमंता बिस्वा सरमा को पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन का संयोजक बनाया गया। इसके बाद उन्होंने कई राज्यों में पार्टी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। साल 2021 में मिली जीत के बाद पार्टी ने उन्हें असम का मुख्यमंत्री बनाया था। अब लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।



