Governor Uikey Address In Assembly: राज्यपाल ने की सरकार के कामों की तारीफ, शुरुआत में सदस्यों का अभिनंदन, अंत में की ये अपील

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Governor Uikey Address In Assembly : चुनौतियों से निपटने खरी उतरी सरकार, कोरोना काल में भी राज्य ने हासिल की नई उपलब्धियां

रायपुर/नवप्रदेश। राज्यपाल (Governor Uikey Address In Assembly) अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के विभिन्न कार्यों की सरहाना की। कोरोनाकाल में किए गए कामों को भी सराहा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कोरोना काल में भी अनेक क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल की है। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी ने विगत वर्ष अकस्मात ही पूरी दुनिया को अनिश्चितता के अंधेरे में धकेल दिया था। बीता साल अनेक चुनौतियों से भरा था, जैसे रोज कमाने-खाने वाले परिवारों का भोजन और आजीविका, कुपोषण से लड़ रहे परिवारों को निरंतर पोषण आहार प्रदाय, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और उनका पुनर्वास, कोरोना संक्रमण से बचाव और संक्रमित लोगों का उपचार, जनता का मनोबल बनाए रखने के इंतजाम, आर्थिक गतिविधियों की स्वाभाविक गति बनाए रखना, जन-जीवन को भय के भंवर से निकालकर सतर्कतापूर्वक जीवनयापन आदि। मुझे खुशी है कि इन सभी मोर्चों पर मेरी सरकार खरी उतरी है और प्रदेश कोरोना काल में भी अनेक क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर सका।


शुरुआत में सदस्योंं का अभिनंदन अंत में अपील


राज्यपाल (governor uikey address in assembly) ने अपने अभिभाषण में विधानसभा सदस्यों का अभिनंदन किया। कहा- वर्ष 2021 के छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले सत्र में आप सबका हार्दिक अभिनंदन करती हूं। मुझे खुशी है कि आप सब ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़Ó की कल्पना को साकार करने के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। अंत मेंं उन्होंने विधायकों से राज्य सरकार की विकासपरक जनहितकारी नीतियों,योजनाओ में सक्रिय भागादारी निभाने और अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार बनने की अपील की है।


राज्यपाल के अभिभाषण की बड़ी बातें

67 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों का खाद्यान्न

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश को इस कठिन दौर से निकालने के लिए सूझबूझ के साथ काम किया, जिससे 67 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को उनकी पात्रता अनुसार खाद्यान्न, शक्कर, नमक, केरोसीन, बस्तर संभाग में गुड़, कोण्डागांव जिले में फोर्टिफाइड राइस वितरण सुरक्षा उपायों के साथ संभव हो पाया।

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की लौ कोरोना काल में भी जलती रही

उइके ने कहा कि मेरी सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के रूप में जो अलख जगाई थी, उसकी लौ कोरोना काल में भी जलती रहे, इसके लिए 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों के साथ ही 51 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों के 24 लाख से अधिक हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री दी गई। मध्याह्न भोजन योजना के 29 लाख से अधिक हितग्राही स्कूली बच्चों को भी रेडी-टू-ईट सूखा राशन सुरक्षित रूप से घर पहुंचाकर दिया गया।

मातृ शक्ति का मनोबल और स्वावलम्बन बढ़ा

मेरी सरकार की प्रतिबद्धता से एक वर्ष में 99 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति मिली है। महिलाओं और बच्चों की बेहतर देख-रेख और विकास के लिए महतारी जतन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सक्षम योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, महिला शक्ति केन्द्र योजना आदि को सुचारू ढंग से लागू किया गया, जिससे मातृ शक्ति का मनोबल और स्वावलम्बन बढ़ा है।

95 प्रतिशत से अधिक किसानों का धान खरीदने वाला देश का पहला राज्य बना छग

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने एक बार फिर किसानों से किया गया वादा निभाया है। चुनौतियों के बीच सुधार और संकल्प के साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की गई। इस वर्ष सर्वाधिक 21 लाख 52 हजार 980 किसान पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने अपना धान बेचा। इस प्रकार नई व्यवस्था और नए संकल्प से छत्तीसगढ़ 95.40 प्रतिशत किसानों का धान खरीदने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कार प्रदत्त


राज्यपाल (governor uikey address in assembly) ने कहा कि मेरी सरकार ने पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तात्कालिक जरूरतों से जोड़ते हुए अनेक नवाचार किए, जिसके कारण भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा है। ‘बिहानÓ के अंतर्गत कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों की 20 लाख महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जो परंपरागत रोजगार को नए अवसरों में बदलकर अपना, परिवार और गांव का जीवन बदल रही हैं। विभिन्न जिलों में बीसी सखी के रूप में 3 हजार 500 महिलाएं घर पहुंच बैंक बन गई हैं, इससे ग्रामीण महिलाओं का मनोबल और रचनात्मक क्षमता भी लगातार बढ़ रही है, जो एक सुखद संकेत है।

कोरोना काल में शिक्षा की पहल को प्रधानमंत्री ने भी सराहा :

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों पर बल दिया जिससे संकट काल में भी बच्चों का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा, साथ ही उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए निरंतरता बनाए रखने में कोई कठिनाई नहीं आई। ‘पढ़ाई तुंहर दुआरÓ, ‘पढ़ाई तुंहर पाराÓ कार्यक्रमों के तहत ऑनलाइन कक्षा, मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर स्कूल, बूलटू के बोल आदि तरीकों से 25 लाख बच्चों को लाभ मिला जिसकी तारीफ नीति आयोग से लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी तक ने की है। इसी दौरान सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू करने का निर्णय लिया गया और प्रथम वर्ष में 52 सरकारी विद्यालयों का उन्नयन नई सुविधाओं के साथ किया गया है, जिसमें 31 हजार से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है।

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