Free Ration Scheme : वास्तविक गरीबों को मिले लाभ - Navpradesh

Free Ration Scheme : वास्तविक गरीबों को मिले लाभ

Free Ration Scheme: Benefits to the real poor

Free Ration Scheme

Free Ration Scheme : केन्द्र सरकार ने कोरोना काल के कारण देश के लगभग ८० करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन देने के लिए जो योजना शुरू की थी उसे और तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है। हो सकता है तीन माह बाद इस योजना को और आगे बढ़ाया जाए। क्योंकि कोरोना काल की वजह से करोड़ों की संख्या में गरीबों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था जो अभी भी किसी न किसी रूप में उनके सामने मौजूद है।

ऐसी स्थिति में गरीबों को मुफ्त में राशन देने का निर्णय स्वागत योग्य है किन्तु सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मुफ्त राशन योजना का लाभ वास्तविक गरीबों को ही मिले। आज देश में स्थिति यह है कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की सूची में बहुत बड़ी संख्या में ऐसे लोगों ने भी अपने नाम जुड़वा रखे है जो गरीब कतई नहीं है लेकिन सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त राशन के अलावा पांच लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज कराने की सुविधा सहित और भी कई सुविधाएं प्रदान की जाती है।

इस सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए ही बड़ी संख्या (Free Ration Scheme) में लोग गरीब बने हुए है। बीपीएल कार्ड प्राप्त करना कोई कठिन काम नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचों और सरपंचों तथा शहरी क्षेत्रों में पार्षदों के साथ मिलीभगत कर के लोग आसानी से बीपीएल कार्ड बनवा लेते है। ऐसे फर्जी गरीबों का सत्यापन कराने की समय समय पर मांग उठती रही है लेकिन संबंधित राज्य सरकारें अपने वोट बैंक को ध्यान में रखकर फर्जी गरीबों की पड़ताल करने से परहेज करती है। कथरी ओढ़ कर घी खाने वाले ऐसे फर्जी गरीब मोटरसायकल ही नहीं कार पर भी सवार होकर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में मुफ्त का राशन लेने जाते है यह सभी को नजर आता है सिर्फ सरकार ही इस गोरख धंधे की अनदेखी करती है।

इस फर्जी गरीबों के कारण ही वास्तविक गरीबों को जो और अधिक लाभ मिलना चाहिए इससे वे वंचित हो रहे है। चूंकि राज्य सरकारें ऐसे फर्जी गरीबों की समीक्षा नहीं कर रही है इसलिए अब केन्द्र सरकार को ही इस बारे में एक नया कानून बनाकर देशभर के गरीबों का नए सिरे से सर्वे कराना चाहिए और फर्जी गरीबों को गरीबी रेखा की सूची से न सिर्फ बाहर करना चाहिए बल्कि उन्होने अब तक फर्जी गरीब बनकर जो रियायत प्राप्त की है उसकी भी उनसे क्षतिपूर्ति कराई जानी चाहिए।

गरीबी भूख है और उस अवस्था में जुड़ी हुई है निरन्तरता। यानी सतत् भूख की स्थिति का बने रहना। गरीबी है एक उचित रहवास का अभाव, गरीबी है बीमार होने पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले पाने में असक्षम होना, विद्यालय न जा पाना और पढ़ न पाना। गरीबी है आजीविका के साधनों का अभाव और दिन में दोनों समय भोजन न मिल पाना।

छोटे-बच्चों की कुपोषण के कारण (Free Ration Scheme) होने वाली मौतें गरीबी का वीभत्स प्रमाण है और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में शक्तिहीनता, राजनैतिक व्यवस्था में प्रतिनिधित्व न होना और अवसरों का अभाव गरीबी की परिभाषा का आधार तैयार करते हैं।

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