छत्तीसगढ़

Bastar Pandum Jagdalpur : बस्तर पंडुम 2026 का भव्य समापन, सुकमा के जनजातीय नाट्य ने मंच पर रचा इतिहास

बस्तर संभाग की गौरवशाली संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण हेतु आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026′ में सुकमा जिले ने सफलता का परचम (Bastar Pandum Jagdalpur) लहराया है। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में आयोजित इस भव्य संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल विधा को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। देश के गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

https://youtu.be/h6EuAqqDqSk

संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य के मूल स्वरूप को सहेजना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त हो रही विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समूहों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

सुकमा के कलाकारों ने जीती प्रतियोगिता

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन (Bastar Pandum Jagdalpur) किया। प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी।

कला का जीवंत चित्रण

मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे ताड़ का पत्ता, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल का कलात्मक प्रयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

https://youtu.be/xgixkG5Nps0

इन कलाकारों ने बढ़ाया जिले का गौरव

कोंटा विकासखंड में स्थित पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित (Bastar Pandum Jagdalpur) किया है। कलाकारों की इस सफलता में नोडल अधिकारी मनीराम मरकाम और पी निवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।

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