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National Highway Network India 2025 : भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 1.46 लाख किमी पार, विकास की नई राह पर

विगत 11 वर्षों में भारत का सड़क नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क (National Highway Network India 2025) अब लगभग 1,46,560 किलोमीटर को पार कर गया है। यह पिछले एक दशक में लगभग 61 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो 2014 में 91,287 किलोमीटर था। यह उपलब्धि देश के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे (Infrastructure Development India) और कनेक्टिविटी लक्ष्यों में मील का पत्थर साबित हुई है।

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने भारतमाला परियोजना (Bharat Mala Project), विशेष त्वरित सड़क विकास कार्यक्रम (पूर्वोत्तर क्षेत्र), वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क विकास और बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत किया है।

एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कोरिडोर और एक्सप्रेसवे की लंबाई 2014 में केवल 93 किलोमीटर थी, जो अब 3,052 किलोमीटर हो गई है। फोर-लेन और उससे अधिक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 18,371 किलोमीटर से बढ़कर 43,512 किलोमीटर हो गई है।

मंत्रालय ने नवंबर 2025 तक एसेट मोनेटाइजेशन (Road Asset Monetization India) से 1,52,028 करोड़ रुपये जुटाए और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30,000 करोड़ रुपये का टारगेट तय किया। प्राइवेट हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट अपडेट किया गया और बीओटी प्रणाली में नया रूप दिया गया।

प्रगति के पथ पर आगे

केंद्रीय बजट 2025-26 के अनुसार, अगले तीन वर्षों में 13,400 किलोमीटर की पीपीपी प्रोजेक्ट (PPP Highway Projects) पाइपलाइन के तहत 8.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।

भारतमाला परियोजना (Bharat Mala Project) के तहत 46,000 करोड़ रुपये के निवेश से 35 मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाए जाएंगे, जो 70 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभालने में सक्षम होंगे।

यूजर्स की सुविधा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर 40-60 किलोमीटर के अंतराल पर अत्याधुनिक वे-साइड सुविधाएं (Highway Way-Side Amenities India) विकसित की जाएंगी।

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पर्वतमाला परियोजना (Parvatmala Project) के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में रोपवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर शहरी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाई जाएगी।

इस तरह भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क न केवल लंबाई में बढ़ा है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और प्राइवेट हिस्सेदारी के जरिए भविष्य के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार हो रहा है।

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