छत्तीसगढ़

Chhattisgarh New Chief Secretary : छत्तीसगढ़ को मिलेगा 12वां मुख्य सचिव,  रायपुर से दिल्ली तक 5 नामों पर चल रहा मंथन

Chhattisgarh New Chief Secretary : छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनके जाने के साथ ही राज्य प्रशासन में एक बड़ी बदलती घड़ी आ रही है। इस विषय पर रायपुर से लेकर दिल्ली तक लगातार मंथन (Chhattisgarh New Chief Secretary) चल रहा है और अक्टूबर में नए चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति की संभावना बन चुकी है। प्रशासनिक जगत में चर्चा है कि इस पद के लिए कैडर के पांच वरिष्ठ आईएएस अफसर मजबूत दावेदार हैं।

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सूत्र बताते हैं कि IAS विकासशील गुप्ता और IAS रेणु गोनेला पिल्ले का नाम इस रेस में सबसे आगे रहा है (Chhattisgarh New Chief Secretary)। इनके अलावा मनोज पिंगुआ, सुब्रत साहू और अमित अग्रवाल के नाम भी निर्णायक मंडल में चर्चा के केंद्र में हैं। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री और केंद्र के विचार किस ओर झुकते हैं, क्योंकि CS की कुर्सी पर बैठने वाला अधिकारी राज्य की नीति-निर्धारण क्षमता और प्रशासनिक दिशा तय करेगा।

IAS विकासशील गुप्ता

विकासशील गुप्ता फिलहाल एशियन डेवलपमेंट बैंक में कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर नीति एवं परियोजना प्रबंधन का अनुभव है, जिसे कई विशेषज्ञ राज्य के हित में कारगर मान रहे हैं। उनकी पत्नी निधि छिब्बर भी 1994 बैच की आईएएस हैं और नीति आयोग में पदस्थ रह चुकी हैं; इस जोड़ी को नौकरशाही में ‘पावर पेयर’ के रूप में भी देखा जाता है। माना जा रहा है कि यदि वे (Chhattisgarh New Chief Secretary) नियुक्त होते हैं तो प्रदेश की गवर्नेंस में वैश्विक मानक व समन्वय की ताकत बढ़ेगी।

IAS रेणु गोनेला पिल्ले

रेणु पिल्ले को एक सख्त और निर्णायक प्रशासक के रूप में जाना जाता है। जनवरी 2025 में जब मुख्य सचिव अमिताभ जैन छुट्टी पर थे, तब पिल्ले को कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाया गया था—यह नियुक्ति सरकार के उन पर भरोसे का संकेत मानी गई। उनके फैसले लेने की शैली और दबाव में काम करने की क्षमता ने उन्हें (Chhattisgarh New Chief Secretary) की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया है।

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CS पद की शर्तें व प्रक्रिया

मुख्य सचिव के पद के लिए सामान्यतः 30 से 33 साल का प्रशासनिक अनुभव आवश्यक माना जाता है। परंपरागत तौर पर मुख्यमंत्री राज्य के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस अधिकारी को प्राथमिकता देते हैं, पर निर्णय में राजनीतिक-प्रशासनिक संतुलन भी भूमिका निभाता है। इस पद का कार्यकाल निश्चित नहीं होता; आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया जा सकता है और नियुक्ति के लिए राज्य मुख्यमंत्री की मंजूरी आवश्यक होती है।

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