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Enforcement Directorate : पनामा मामले में ऐश्वर्या से जबाव तलब…?

नई दिल्ली/रायपुर। Enforcement Directorate : छत्तीसगढ़ में पनामा पेपर बहुचर्चित मुद्दा है। इस मुद्दे पर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह से लेकर उनके बेटे अभिषेक सिंह, बहु ऐश्वर्या सिंह पर भी गंभीर आरोप है। उस समय तात्कलिक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने भी पिता-पुत्र पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। अभी भी यह मामला कोर्ट सहित प्रवतर्न निर्देशालय में लंबित है। पनामा मामले में अभिषाक सिंह का नाम आया था, जिसमें उनके नाम के आगे पिता के नाम डॉ. रमन सिंह एवं पुत्रवधु ऐश्वर्या सिंह के आगे पति अभिषाक सिंह का नाम आया था। इनके नाम के अलावा और भी कई रसूखदारों के नाम इस मामले से जुड़े है।

माना जा रहा है कि आज फिल्म अभिनेत्री एश्वर्या राय बच्चन भी इसी मामले पर ईडी बयान देने पहुंची थी। एश्वर्या राय सोमवार सुबह ईडी दफ्तर पहुंची थीं। ईडी ने उन्हें समन भेजकर जांचकर्ताओं के सामने पेश होने को कहा था। बता दें कि पनामा पेपर लीक मामले में एक कंपनी के लीगल दस्तावेज लीक हुए थे, जिसमें 300 से ज्यादा भारतीयों के नाम सामने आए थे। इनमें बच्चन परिवार समेत कई नामी हस्तियों के नाम शामिल थे।

एजेंसी ने ऐश्वर्या को आज दिल्ली में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने को कहा था। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि इससे पहले भी ऐश्वर्या को पूछताछ के लिए दो बार समन भेजा गया था लेकिन वह पेश नहीं हो सकी थीं और उन्होंने अन्य तारीख के लिए अनुरोध किया था।

इस पेपर लीक मामले में अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन (Enforcement Directorate) समेत कई भारतीय हस्तियों का नाम सामने आया था। सभी लोगों पर टैक्स में हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। इस मामले में नाम सामने आने के बाद अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने भारतीय नियमों के तहत ही विदेश में पैसा भेजा है। पनामा पेपर्स में जिन कंपनियों का नाम सामने आया था उनके साथ किसी तरह के संबंध होने से भी उन्होंने इन्कार किया था।

क्या है पनामा पेपर लीक मामला?

साल 2016 में ब्रिटेन में पनामा की ला फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डाक्यूमेंट लीक हुए थे। इसमें दुनियाभर की नामचीन हस्तियों के नाम सामने आए थे, जिसमें राजनीति, बिजनेस और फिल्म जगत की शख्सियतें शामिल थीं। ईडी 2016 से ही इस मामले की जांच कर रहा है। एजेंसी ने बच्चन परिवार को नोटिस जारी कर उन्हें आरबीआई की उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत 2004 से अपने विदेशी प्रेषण का ब्योरा देने को कहा था।

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