Cyclonic : छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती हवाओं का प्रभाव -

Cyclonic : छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती हवाओं का प्रभाव

Cyclonic: Effect of cyclonic winds formed in Bay of Bengal in Chhattisgarh

Cyclonic

रायपुर/नवप्रदेश। Cyclonic : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती हवाओं ने छत्तीसगढ़ में दिखाया असर। रायपुर में रविवार देर रात करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके अलावा बस्तर संभाग में इस समय घने बादल छाए हुए हैं।

ऐसे में आज सोमवार को बस्तर संभाग के सातों जिलों में कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना बन रही है। मौसम विभाग ने इसकी चेतावनी जारी की है। वहीं प्रदेशभर में अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, बस्तर संभाग के सभी जिलों में भारी से अति भारी बरसात होने की संभावना है। बस्तर से लगे जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक मानसून द्रोणिका (Cyclonic) अनुपगढ, हिसार, दिल्ली, हरदोई, सीधी, कोरबा, बलांगीर और उसके बाद पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।

एक ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा (Cyclonic) उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, जिसका विस्तार 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से बरसात का यह माहौल बना है।

प्रदेश के दूसरे हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बरसात की संभावना बन रही है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। मौसम विभाग ने पहले भी बताया था, 5 सितंबर के बाद अच्छी बरसात की संभावना बन रही है। इस बार भारी बरसात का क्षेत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ हो सकता है।

सितंबर में मानसून का असर होता है कम

मौसम विभाग के मुताबिक सितंबर तक मानसून का असर कम होने लगता है। इस महीने में सामान्य तौर पर कुल 9 से 10 दिन ही बरसात होती रही है। सामान्य तौर पर औसतन 200 मिमी पानी बरसता है। पिछले वर्ष यानी सितंबर 2020 में केवल 92.3 मिमी पानी बरसा था। पिछले 10 वर्षों के दौरान सितंबर में सबसे अधिक बरसात 2019 में हुई।

उस साल 492.8 मिमी बरसात दर्ज हुई थी। 2016 में 393.7 और 2011 में 354.2 मिमी बरसात का रिकॉर्ड है। इस वर्ष खंड वर्षा हो रही है, लिहाजा उम्मीद है कि इस माह अच्छी बारिश हो जाए। हालांकि रविवार देर रात को करीब 12 से साढ़े 12 के बीच चमक-गरज के साथ झमाझम बारिश हुई है जो देर तक हुई।

सुकमा जिले में सर्वाधिक बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक आज सुबह 8.30 बजे तक प्रदेश भर में औसतन 851.4 मिलीमीटर बरसात हुई है। यह सामान्य से 14 प्रतिशत कम है। सामान्य तौर पर एक जून से 6 सितंबर तक औसतन 990.8 मिलीमीटर बरसात होती रही है। बस्तर के कांकेर जिले में 33 प्रतिशत कम बरसात है। यह प्रदेश में सबसे कम है। रायपुर में भी सामान्य से 29 प्रतिशत कम पानी बरसा है। सबसे अधिक बरसात बस्तर के ही सुकमा जिले में हुई है। यहां सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक पानी बरसा है। सूरजपुर और कबीरधाम में भी अच्छी बरसात हुई है।

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