Cyclone Dithwah : श्रीलंका के बाद चक्रवात ‘दितवाह’ की भारत में दस्तक, तटीय राज्य हाई अलर्ट पर

Cyclone Dithwah

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श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात दितवाह भारत की ओर बढ़ गया है और तटीय इलाकों में इसका प्रभाव तेज़ी से बढ़ रहा है। शनिवार को तमिलनाडु के तटीय जिलों और कावेरी डेल्टा क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

रामनाथपुरम और नागापट्टिनम जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां हजारों पेड़ उखड़ गए और लाखों एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि (Cyclone Dithwah) की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।

श्रीलंका में दितवाह के प्रकोप से मरने वालों की संख्या 153 तक पहुंच चुकी है। राहत और बचाव के अभियान युद्धस्तर पर जारी हैं, जिनमें भारत ने आपरेशन ‘सागर बंधु’ चलाकर अपनी पूरी क्षमता झोंक दी है। भारतीय नौसेना और वायुसेना सक्रिय रूप से बचाव कार्यों में जुटी हैं। यह भी बताया गया कि कोलंबो एयरपोर्ट पर 300 से अधिक भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 150 तमिल भी शामिल हैं।

चक्रवात के कारण चेन्नई जाने वाली कई उड़ानें रद्द हो गईं। इस स्थिति में भारत ने कोलंबो में आपात सहायता डेस्क स्थापित की है, जबकि वायुसेना मंगलवार सुबह से निकासी उड़ानें शुरू करेगी, यह कार्रवाई भी (Cyclone Dithwah) के प्रभाव को देखते हुए की जा रही है।

शनिवार को नागापट्टिनम, तिरुवरूर, तंजावुर, मयिलादुथुराई, पुडुक्कोट्टई, करूर, पेरेम्बलूर, अरियालुर, तिरुचिरापल्ली और पुडुचेरी के कराईकल में तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। किसानों ने बताया कि करीब एक लाख एकड़ में धान व अन्य फसलें पूरी तरह डूब गई हैं।

तमिलनाडु के आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन के अनुसार तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 28 टीमें तैनात की गई हैं और 6,000 से अधिक शिविर खोले गए हैं ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। मौसम विभाग ने चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुपत्तूर, धर्मपुरी, वेल्लोर और विलुपुरम जिलों में भी अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है, क्योंकि (Cyclone Dithwah) कल तक उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश तटों के और करीब पहुंच जाएगा।

उधर, आपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत भारतीय नौसेना का आइएनएस विक्रांत कोलंबो बंदरगाह पर खड़ा है और उसके दो चेतक हेलीकॉप्टर श्रीलंकाई वायुसेना के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं।

भारतीय वायुसेना ने भी 28 टन से अधिक राहत सामग्री और एनडीआरएफ के 80 विशेषज्ञ बचावकर्मियों को श्रीलंका पहुंचाया। वायुसेना की ओर से बताया गया कि हिंडन एयरबेस से सी-130 और IL-76 विमान तुरंत रवाना किए गए—यह त्वरित कार्रवाई भी (Cyclone Dithwah) की गंभीरता को देखते हुए की गई।

चक्रवात का नाम ‘दितवाह’ यमन द्वारा रखा गया है, जिसका अर्थ है—खारे पानी की झील। यह नाम यमन के सोकोटरा द्वीप पर स्थित एक झील से लिया गया है, जो दितवाह नाम से ही जानी जाती है। यह नामकरण भी क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार किया गया है और मौसम विज्ञान के स्थापित नियमों का हिस्सा है।

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