साइबर धोखाधड़ी: निवेश का लालच; बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों और छात्रों को बनाया जा रहा निशाना

-साइबर अपराधी इन अपराधों को अंजाम देने के लिए गूगल सर्विस प्लेटफॉर्म का भी कर रहे इस्तेमाल

नई दिल्ली। Cyber fraud: देश में एक और नया साइबर घोटाला सामने आया है। यह बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों, छात्रों और जरूरतमंद लोगों को निशाना बना रहा है और उन्हें हर दिन भारी मात्रा में पैसों का नुकसान हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोट्र्स के मुताबिक इसे ‘निवेश घोटाला’ भी कहा जाता है। साइबर अपराधी इन अपराधों को अंजाम देने के लिए गूगल सर्विस प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक गूगल विज्ञापन प्लेटफॉर्म विज्ञापन देने का एक आसान तरीका है। इसे दुनिया भर में निवेश घोटाले के नाम से जाना जाता है। इसमें बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और यहां तक कि ‘साइबर गुलामी’ (Cyber fraud) भी शामिल है। साइबर अपराध 2016 में शुरू हुआ और इसका निशाना आम नागरिक हैं। इसमें घोटाले उन्हें जाल में फंसाते हैं और अंतत: क्रिप्टोकरेंसी या किसी अन्य आकर्षक योजना में निवेश करने के लिए मजबूर करते हैं। इसके बाद उनकी रकम हड़प ली जाती है।

व्हाट्सएप खतरनाक होता जा रहा है

साइबर अपराधी भारत में अवैध ऋण देने वाले ऐप्स लॉन्च करने और साझा करने के लिए फेसबुक और फेसबुक पेज का उपयोग करते हैं। व्हाट्सएप भारत में साइबर अपराधियों द्वारा दुरुपयोग किया जाने वाला सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन गया है।

साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें

साइबर क्राइम की शिकायतें

साइबर क्राइम

2022 में, साइबर अपराध के 36.3 प्रतिशत (65,000 मामलों में से 24,000) मामले कंप्यूटर से संबंधित अपराध के रूप में दर्ज किए गए। इसके बाद धोखाधड़ी के 17 प्रतिशत मामले और इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील/यौन सामग्री के प्रकाशन के 6,896 मामले हैं। 4,29,152 मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए गए हैं। 69,921 मोबाइल बंद हैं। साइबर फोरेंसिक लैब और अन्य संबंधित खर्चों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 132 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें

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