रायपुर/नवप्रदेश। कोयला ब्लॉक आवंटन मामले (Coal allocation case) में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। जहाँ एक ओर कांग्रेस इस निर्णय को डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान की पुनस्र्थापना और अपनी पुरानी नीतियों के सही होने का प्रमाण बता रही है, वहीं इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
फैसले पर कांग्रेस का पक्ष
Coal allocation case: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के इस निर्णय से पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और निष्ठा एक बार फिर साबित हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता के मुख्य बिंदु:
- सत्य की जीत: पार्टी का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक दुष्प्रचार पर सत्य की जीत है।
- भाजपा से माफी की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि भाजपा को वर्षों तक लगाए गए आरोपों और राजनीतिक प्रचार के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
- छवि को नुकसान का आरोप: पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए एक विद्वान और सम्मानित नेता की छवि को कटघरे में खड़ा करने का सुनियोजित प्रयास किया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य
उल्लेखनीय है कि वर्षों पहले तत्कालीन यूपीए सरकार के दौरान कोयला ब्लॉक आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
सीबीआई की जांच: इस पूरे मामले में सीबीआई ने लंबी जांच प्रक्रिया चलाई, जिसके बाद अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
अदालत का निर्णय: सर्वोच्च न्यायालय ने साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त करते हुए क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।
