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BIG BREAKING: Corona मुक्त जिले के नगर में मंत्री को नहीं घुसने दिया आदिवासी…

शिमला/नवप्रदेश।  कोरोना (corona) मुक्त जिले के एक नगर में प्रवेश (entry) करने से मंत्रीजी (minister denied entry to kaza) को ही कुछ आदिवासी महिलाओं ने रोक दिया। नतीजतन मंत्रीजी को उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा। मामला मंगलवार का है। हिमाचल प्रदेश (himachal Pradesh) के कृषि मंत्री राम लाल मारकंडा राज्य के लाहौल स्पिती जिले के उप विभागीय मुख्यालय काजा (kaza) में मंगलवार को एक कुछ लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए जा रहे थे।

लेकिन आदिवासी महिलाओं ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया और नगर में प्रवेश (entry) नहीं करने दिया कि वे कोरोना (corona) से बचाव संबंधी स्थानीय लोगों द्वारा तय किए गए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। काजा  सर्किट हाउस के पास खड़े होकर महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मंत्री (minister denied entry to kaza)  राम लाल  मारकंडा को वापस किन्नौर जिले में भेजने की मांग करने लगे।

लाहौल और स्पिती से ही विधायक हैं मंत्री मारकंडा

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खास बात यह भी है कि मारकंडा लाहौल और स्पिती से ही विधायक हैं। उनके पास  हिमाचल सरकार का आदिवासी विकास विभाग भी है। जब काजा (kaza) के महिला मंडल की सदस्यों ने मंत्री को रोका उस वक्त कथित तौर पर वे बाइक से काजा में प्रवेश कर रहे थे।

महिलाओं ने दी ये दलील

इस मामले में मंडल प्रधान डोलमा देवी ने कहा कि मंत्री मारकंडा  घाटी में क्वारंटाइन नियमों का पालन किए बिना ही आए दिन प्रवेश करते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में संक्रमण का खतरा उत्पन्न होता है। इससे उन लोगों के बीच भी गलत संदेश जाता है जो लोग जिले के बाहर से यहां आते हैं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) में लाहौल और स्पिती ही एकमात्र ऐसा आदिवासी बहुल जिला है, जो अब तक कोरोना संक्रमण से मुक्त हैं।  

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