Cooperation Summit 2026: सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि जारी; 1352 नई समितियों का गठन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव तैयार करने का सबसे प्रभावी माध्यम (Cooperation Summit 2026) बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को नई दिशा दी है। राज्य सरकार भी किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहकारिता का लगातार विस्तार कर रही है।
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उत्कृष्ट सहकारी समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया।
162 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण शुरू Cooperation Summit 2026
मुख्यमंत्री ने 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
1352 नई सहकारी समितियों का हुआ गठन
प्रदेश की हर पंचायत तक सहकारिता का विस्तार करने के उद्देश्य से राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांवों तक सहकारिता का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं किसान परिवार से आते हैं और बचपन से सहकारिता की ताकत को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि आज सहकारिता के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज ऋण, बेहतर विपणन व्यवस्था और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। पहले किसानों को खेती के लिए 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब किसान क्रेडिट कार्ड और सहकारी व्यवस्था के जरिए बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे किसानों को खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
पशुपालन, दुग्ध और मत्स्य पालन को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता अब केवल कृषि तक सीमित (Cooperation Summit 2026) नहीं है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारी मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च, किसानों का पंजीयन होगा आसान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के नए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन (Cooperation Summit 2026) भी किया। इस दौरान पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण हुआ, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश, वन-धन समितियों की हैंडबुक, केसीसी ऋण तथा विभिन्न हितग्राहियों को सामग्री और प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई।



