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नई पेंशन योजना पर कांग्रेस का हमला- एकीकृत पेंशन योजना ‘U इन UPS का मतलब है मोदी सरकार का ‘यू-टर्न’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को एकीकृत पेंशन योजना को मंजूरी दी

नई दिल्ली। Unified Pension Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को लेकर बड़ी घोषणा की है। केंद्र ने सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम नाम से एक नई पेंशन योजना लागू की है। यह योजना 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। इस बीच इस योजना पर राजनीति भी शुरू हो गई है। इस योजना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने नरेंद्र मोदी की आलोचना की।

मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा है कि योजना में ‘यू’ मोदी सरकार का ‘यू-टर्न’ है। 4 जून के बाद जनता की ताकत ने प्रधानमंत्री के अहंकार पर काबू पा लिया। लोकसभा चुनाव के बाद विपक्ष के दबाव के कारण बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में अपने महत्वपूर्ण फैसलों से पीछे हटना शुरू कर दिया है। हम यह सुनिश्चित करना जारी रखेंगे। हमारी जवाबदेही है और 140 करोड़ भारतीयों को इस अत्याचारी सरकार से बचाना है।

खडग़े ने अपने पोस्ट में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिए गए कुछ फैसलों का जिक्र किया। विपक्ष के विरोध के बाद ये फैसले वापस ले लिए गए हैं। इनमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ/सूचकांक पर बजट निर्णय को वापस लेना, वक्फ विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजना, प्रसारण विधेयक के मसौदे को वापस लेना और नौकरशाही में पाश्र्व प्रवेश को समाप्त करना शामिल है।

अमित शाह ने पेंशन योजना की तारीफ की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस यूपीएस (Unified Pension Scheme) की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय कैबिनेट में एकीकृत पेंशन योजना को मंजूरी दिए जाने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बधाई। इस योजना को मंजूरी देकर मोदी सरकार ने पेंशन को बढ़ावा दिया है। हम कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकारी कर्मचारी जो देश के मामलों की रीढ़ है।

एकीकृत पेंशन योजना क्या है?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को मंजूरी दे दी। यूपीएस के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 12 महीनों के लिए औसत वेतन का 50 प्रतिशत की एक निश्चित राशि पेंशन के रूप में दी जाएगी। इस पेंशन के लिए कर्मचारियों को कम से कम 25 साल की सेवा करनी होगी।

एकीकृत पेंशन योजना के तहत केंद्र सरकार के करीब 23 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अगर राज्य सरकार इस योजना को लागू करती है तो उन कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। इसमें 10 साल तक काम करने वाले कर्मचारियों को 10,000 रुपये की मासिक पेंशन का भी प्रावधान है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को राशि का भुगतान किया जाएगा।

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