कमीशखोरी और भ्रष्टाचार ने लगाई इस योजना में सेंध

Corruption
  • बनने के कुछ ही महीनों में छत में पड़ी मोटी-मोटी दरारें

  • योजना को अमलीजामा पहनाने वाले जिम्मेदारों ने ही लगा दिया पलीता

  • फील्ड कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत ने गरीबों के सरकारी आशियानों के सपने को कर दिया चूर

सुकमा। पीएम आवास योजना Pradhan Mantri Awas Yojana के तहत बन रहे मकान भ्रष्टाचार Corruption की भेंट चढ़ रही है। यह योजना जिले में गरीबों के लिए महज मजाक बनकर रह गया हैे। जिम्मेदारों की मनमानी के चलते गरीबों को खुद का घर बनने का सपना अब टूटता नजर आ रहा हैे। आपको बता दें देश की एक बड़ी आबादी के पास खुद का घर नहीं है। ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा हैे।

सुकमा जिले में भी केन्द्र की महत्तवकांक्षी योजना पीएम आवास योजना Pradhan Mantri Awas Yojana संचालित है, पर इस योजना में भी कुछ पीएम आवास से जुड़े जिम्मेदारों की बेमानी के चलते भ्रष्टाचार Corruption की भेंट चढ़ रही हैं। बानगी के तौर पर जिले के ग्राम पंचायत गादीरास को ही लें। यहां आवास मित्र की मनमानी तो चरम पर है। ग्राम पंचायत गादीरास में हुए सभी प्रधानमंत्री आवास Pradhan Mantri Awas Yojana में भारी भ्रष्टाचार Corruption किया गया है। पीएम आवास निर्माण के चंद महिनों में ही जर्जर अवस्था में पहुंच गये हैं। वही अपूर्ण निर्माण हुए आवास के नाम पर शासन को गुमराह कर राशी आहरण भी कर लिया गया है।

नहीं मिल रहा योजना का लाभ

प्रशासन में बैठे जिम्मेदार आवासों के लक्ष्य को पूरा करने के फेर में माकानों की गुणवत्ता को नजरअंदाज कर रहे हैं। जिसका खामियाजा गरीब आदिवासी को उठाना पड़ रहा है। आलम यह है कि आदिवासी हितग्राहियों को सरकार की इस महत्तवकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकारी दस्तावेजों में भले ही अधिकारी लक्ष्य को पूरा कर वाहवाही लूटने में कामयाब हो रहे हैं लेकिन हकीकत में गरीब आदिवासी आज भी शासन की योजनाओं से दूर हैं।

छत पर जम जाता है बारिश का पानी

पहली बारिश में ही घर की छत में पानी जमने लगा है। हितग्राही आयोमी सुक्का ने बताया कि जिस दिन भारी बारिश होती है तो छत पर चढ़ कर जमा पानी को पाईप या फिर हाथों से बाहर फेंकते हैं। यह प्रक्रिया दिन में तीन से चार बार करना पड़ता है नहीं तो बारिश का जमा पानी छत से घर के अंदर रिसने लगता है। घर में रखा सामान भीग जाता है। छत साल भर में ही जर्जर हो गया है। हर वक्त अनहोनी का खतरा बना रहता है।

नवनिर्मित पीएम आवासों की छत में दरारें

पीएम आवास में भ्रष्टाचार Corruption की शिकायतों के बाद ईटीवी भारत की टीम ने आवासों का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन में बैठै जिम्मेदार किस तरह शासन की योजना को पलिता लगा रहे हैं इसका खुलासा हुआ। पीएम आवास बनने के कुछ ही महिनों में जर्जर हो गये हैं। छत में मोटी—मोटी दरारें पड़ गई हैंं। ईटीवी भारत की टीम ग्राम पंचायत गादीरास के माटेमरका पहुंची यहां वर्ष 2017—18 में ग्रामीण ओयामी सुक्का और सोढ़ी लखमा के नाम से प्रधान मंत्री आवास Pradhan Mantri Awas Yojana की स्वीकृति मिली थी। स्वीकृति के बाद दोनों ग्रामीणों को खुद का पक्का घर बनने का सपना साकार होता दिखा। लेकिन पीएम आवास के जिम्मेदार अधिकारियों की बेमानी के चलते उनके सपने कुछ ही महिनोंं में काफूर हो गये। सोढ़ी लखमा ने बताया कि इसी वर्ष अप्रैल में पीएम आवास बनकर तैयार हुआ है और बारिश में ही छत से पानी रिसने लगा है।

कमीशखोरी ने योजना में लगाई सेंध

पीएम आवास योजना के तहत बने अधिकांश मकानों में तकनीकि त्रूटियों के साथ घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। हर स्तर पर भारी अनियिमतता बरती गई है। पीएम आवासों Pradhan Mantri Awas Yojana की मानिटरिंग के लिए जिला स्तर पर तकनीकि समंवयक व ब्लाक स्तर पर तकनीकि सहायक के अलावा आवास मित्र की नियुक्ति की गई हैे। आवास का निर्माण शुरू होने से लेकर पूर्ण होते तक तीन किस्तों में हितग्राही को राशि जारी किया जाता है। इसके लिए बकायदा तकनीकि टीम निर्माण स्थल पहुंचकर तकनीकि मापदण्डों व गुणवत्ता मूल्यांकन करती है। इसके बाद ही हितग्राही को स्वीकृत राशि का भुगतान किया जाता है। इस मामले में तकनीकि टीम से लेकर जिले में बैठे अधिकारियों ने भारी मनमानी की है।

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