Coal Stock : बिजली को लेकर चिंता के बीच आया बड़ा दावा, सरकार ने कोयला भंडार पर कही अहम बात

देश में मानसून की दस्तक के साथ बिजली और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चर्चाएं तेज (Coal Stock) हो गई हैं। कई क्षेत्रों में लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि बारिश के मौसम में बिजली उत्पादन पर कहीं असर तो नहीं पड़ेगा। इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से कोयले के भंडार को लेकर दिए गए बयान ने ऊर्जा क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी है।

ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की तैयारियों को लेकर सरकार के दावे पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी की गई है, ताकि बिजली उत्पादन की प्रक्रिया प्रभावित न हो और आपूर्ति सामान्य बनी रहे।

80 दिनों की जरूरत के लिए पर्याप्त भंडार : Coal Stock

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि केंद्र सरकार के पास 80 दिनों तक बिजली उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त कोयले का भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है।

मानसून को देखते हुए बनाई गई रणनीति

रेड्डी ने कहा कि बारिश के मौसम में भारी वर्षा के कारण कई बार कोयला उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक मात्रा में कोयले का भंडारण पहले ही कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह कदम संभावित बाधाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

महत्वपूर्ण खनिजों पर भी बढ़ा फोकस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार देश और विदेश में महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की पहचान पर लगातार काम (Coal Stock) कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अर्जेंटीना में अधिग्रहित एक महत्वपूर्ण खनिज ब्लाक में काम शुरू हो चुका है और वहां जल्द उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

अन्वेषण और नीलामी की प्रक्रिया जारी

उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में खनिजों की खोज से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। जहां अन्वेषण कार्य पूरा हो चुका है, वहां खनिज ब्लाकों की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे संसाधनों के बेहतर उपयोग का मार्ग तैयार हो रहा है।

निजी क्षेत्र को भी मिल रहा प्रोत्साहन

रेड्डी के अनुसार केंद्र सरकार निजी कंपनियों को संसाधित और अर्ध संसाधित महत्वपूर्ण खनिजों के आयात के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इससे औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

कोयला उत्पादन में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि पहले कोयले की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब स्थिति बदली (Coal Stock) है। उन्होंने कहा कि देश वर्तमान में सालाना 1.04 अरब टन से अधिक कोयले का रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। साथ ही उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में कोयला क्षेत्र से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया।

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