छत्तीसगढ़शहर

Coal scame 12 accused appear in court: कोल घोटाले में साढ़े 9 हजार पन्नों का छठवां पूरक चालान पेश, कोर्ट पहुंचे 12 आरोपी

देवेन्द्र यादव, विनोद तिवारी, रामगोपाल अग्रवाल सहित 12 आरोपी

रायपुर/नवप्रदेश। कोल घोटाला (Coal scame 12 accused appear in court) मामले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को 12 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। ईओडब्ल्यू दफ्तर से लेकर कोर्ट तक दिन भर चली गहमागहमी के बीच शाम 4 बजे चालान पेश किया। यह छठवां पूरक चार्जशीट है। इसमें विधायक देवेंद्र यादव, पीसीसी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी बनाए गए हैं। 9500 हजार से अधिक पन्नों वाले चालान में सैकड़ों की संख्या में सबूती दस्तावेज भी लगाए गए हैं। इससे पहले ईओडब्ल्यू के समन पर सोमवार को 9 आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश होने पहुंचे। इनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, आईएएस जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत कुल 9 आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में अब तक करीब 170 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह राशि इनके बीच बांटी गई थी।

राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ भाजपा का षडय़ंत्र


सोमवार को पूर्व विधायक चंद्रदेव राय करीब 11 बजे कोर्ट पहुंचे। इसके करीब एक घंटे बाद विधायक देवेंद्र यादव भी जिला न्यायालय पहुंचे। कोर्ट परिसर में विधायक देवेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने मामले को लेकर कहा कि इसे ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है और आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाती रही है। देवेंद्र यादव ने कहा कि जिन लोगों से राजनीतिक तौर पर बात नहीं बनती, उनके खिलाफ भाजपा झूठे आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों की जांच के बाद अब चार्जशीट कोर्ट में पेश की जा रही है और वे न्यायालय का सामना करेंगे।

कोर्ट के फैसले का सम्मान


उन्होंने कहा कि वे किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं और कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका सम्मान करेंगे। मीडिया से बातचीत के दौरान देवेंद्र यादव ने चिंतामणि महाराज के मामले में कहा कि भाजपा डराने और दबाव बनाने की राजनीति करती है। यादव के मुताबिक, जो लोग दबाव में आ जाते हैं या भाजपा के पक्ष में चले जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, जबकि विरोध करने वालों को एसीबी और ई ओ डब्लू का डर दिखाया जाता है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली सुनवाई चार्जशीट के आरोपों के आधार पर तय होगी।

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