Civil Aviation Ministry India : ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भारत अलर्ट, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर हाई सतर्कता, उड़ानों की री-रूटिंग के निर्देश
Civil Aviation Ministry India
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बाद भारत सरकार ने एहतियातन कदम उठाते हुए देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को अलर्ट (Civil Aviation Ministry India) मोड पर रखा है। संभावित उड़ान डायवर्जन, अनियोजित लैंडिंग और एयरस्पेस प्रतिबंधों की आशंका को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने व्यापक समीक्षा कर सभी एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), विभिन्न एयरलाइन ऑपरेटरों और निजी हवाईअड्डा संचालकों ने भाग लिया। बैठक में ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे की उपलब्धता, इमिग्रेशन सहायता, क्रू लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन समन्वय तंत्र को मजबूत रखने पर जोर दिया गया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराष्ट्रीय सेवाएं संचालित करने वाली भारतीय एयरलाइनों को संबंधित देशों द्वारा जारी एयरस्पेस एडवाइजरी और NOTAM (Notice to Airmen) पर लगातार नजर रखने (Civil Aviation Ministry India) को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ानों को री-रूट या डायवर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। DGCA को क्रू ड्यूटी टाइम लिमिटेशन और सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन की निगरानी करने को कहा गया है।
एयरलाइनों पर असर, कई उड़ानें रद्द
तनावपूर्ण हालात के बीच एयर इंडिया और इंडिगो ने खाड़ी देशों के लिए अपनी कई उड़ानों को रद्द या स्थगित करने की घोषणा की है। एयर इंडिया की तेल अवीव के लिए रवाना एक उड़ान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिम एशिया में उभरती सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस प्रतिबंधों के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा विकल्प या पूर्ण रिफंड की सुविधा दी जा रही है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें और एयरलाइन के संपर्क में रहें। एयरलाइनों को भी निर्देश दिया गया है कि वे देरी, री-रूटिंग या रद्दीकरण की सूचना समय पर यात्रियों तक पहुंचाएं।
एयरस्पेस प्रतिबंधों का वैश्विक असर
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद क्षेत्र के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाए हैं। इससे लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं, जिससे ईंधन लागत, उड़ान अवधि और परिचालन खर्च में वृद्धि की आशंका है। इसका प्रभाव घरेलू उड़ान शेड्यूल पर भी पड़ सकता है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि वह विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय (Civil Aviation Ministry India) बनाए हुए है, ताकि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों या भारतीय विमानों से जुड़े किसी भी आकस्मिक मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे-जैसे पश्चिम एशिया में हालात स्पष्ट होंगे, उसी अनुरूप उड़ान संचालन और सुरक्षा प्रबंधों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
