Civic Election : पांच महीने के लिए चुनाव कराने पर क्यों पीछे हटा प्रशासन, भिलाई और रिसाली में अचानक बदला फैसला

दुर्ग जिले में रविवार को भिलाई और रिसाली नगर निगम के वार्डों को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल (Civic Election) बना रहा। जिन इलाकों में उपचुनाव की तैयारियों को लेकर हलचल शुरू हो चुकी थी, वहां अचानक चुनाव निरस्त होने की खबर फैलते ही लोगों के बीच अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोग इसे सरकारी खर्च बचाने का फैसला बता रहे थे, तो कई लोग चुनाव टलने को लेकर सवाल भी उठाते नजर आए।
रिसाली और भिलाई के संबंधित वार्डों में पहले से नामांकन और मतदान की तारीखों को लेकर तैयारियां चल रही थीं। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां भी धीरे धीरे तेज हो रही थीं। इसी बीच निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद पूरा माहौल बदल गया। प्रशासनिक हलकों में भी इस निर्णय को लेकर चर्चा बनी रही और देर शाम आदेश जारी होने के बाद स्थिति साफ हुई।
तीन वार्डों में होना था उपचुनाव : Civic Election
दुर्ग जिले के भिलाई नगर पालिक निगम के एक वार्ड और रिसाली नगर निगम के दो वार्डों में उपचुनाव प्रस्तावित था। रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 रूआबांधा, वार्ड क्रमांक 39 पुरैना और भिलाई के वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी में पार्षदों के निधन के बाद ये सीटें रिक्त हुई थीं।
इन वार्डों में 11 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी। इसके बाद 1 जून को मतदान और 4 जून को मतगणना कराए जाने की तैयारी थी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी रूपरेखा भी तय कर ली गई थी।
पांच महीने के कार्यकाल ने बदला पूरा मामला
बताया गया कि जिन वार्डों में चुनाव होना था, वहां चुने जाने वाले पार्षदों का कार्यकाल बेहद कम रहने (Civic Election) वाला था। दोनों नगर निगमों का कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में इसी वर्ष दिसंबर महीने में नगरीय निकाय चुनाव कराए जाने की संभावना पहले से बनी हुई है।
इसी वजह से महज कुछ महीनों के लिए उपचुनाव कराने को लेकर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर चुनाव पर पुनर्विचार की मांग की थी।
आर्थिक भार का दिया गया हवाला
पत्र में शासन के धन, संसाधनों और प्रशासनिक तंत्र पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार का मुद्दा उठाया गया था। चुनाव की पूरी प्रक्रिया के लिए अलग से व्यवस्था और खर्च की जरूरत पड़ती, जबकि कुछ ही महीनों बाद फिर से नगरीय निकाय चुनाव होने हैं।
इन्हीं मांगों और सुझावों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्देश जारी (Civic Election) किया गया। इसके बाद दुर्ग जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तीनों वार्डों के उपचुनाव निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज
निर्णय सामने आने के बाद संबंधित वार्डों में लोगों के बीच चर्चा और तेज हो गई। कई लोगों का कहना है कि कम समय के कार्यकाल के कारण यह फैसला व्यावहारिक माना जा सकता है, जबकि कुछ लोग क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी राय रखते नजर आए।


