Chhattisgarh Fertilizer Availability : प्रदेश में रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

Chhattisgarh Fertilizer Availability
यूरिया और डीएपी का वितरण लक्ष्य के अनुरूप, नैनो खाद से लागत में कमी और पर्यावरण को लाभ
Chhattisgarh Fertilizer Availability : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, रासायनिक खाद की लागत कम करने और डीएपी आपूर्ति की कमी को संतुलित करने के लिए किसानों को नैनो उर्वरक के उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है।
चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 14.62 लाख मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य दिया था। इसके विरुद्ध सहकारी और निजी क्षेत्र में 15.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण और 13.19 लाख मीट्रिक टन का वितरण पहले ही किया जा चुका है।
यूरिया वितरण
निर्धारित 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरुद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन का वितरण।
सहकारी क्षेत्र से 3.42 लाख मी.टन और निजी क्षेत्र से 2.96 लाख मी.टन।
पिछले खरीफ सीजन (2024) में 6.17 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हुआ था।
नैनो उर्वरक का असर
कुल 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण, जिसमें से 4.18 लाख बॉटल वितरित।
2.32 लाख बॉटल नैनो यूरिया का उपयोग → 2,617 मी.टन परंपरागत यूरिया के बराबर।
1.85 लाख बॉटल नैनो डीएपी का उपयोग → 4,628 मी.टन परंपरागत डीएपी के बराबर।
नैनो यूरिया से 80–90% पोषक तत्व मिलते हैं, लागत घटती है और पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है।
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि धान की एक एकड़ फसल के लिए जहाँ सामान्यत: 50 किलो डीएपी की आवश्यकता होती है, वहीं अब केवल 25 किलो ठोस डीएपी और आधा लीटर नैनो डीएपी पर्याप्त(Chhattisgarh Fertilizer Availability) है।
किसानों तक पहुँच
कृषि विभाग की टीम गाँव-गाँव चौपालों और विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से डेमो और प्रशिक्षण दे रही है। पंपलेट, बैनर और पोस्टर के जरिए भी किसानों को नैनो खाद के फायदे समझाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नैनो खाद से न केवल लागत और परिवहन खर्च में कमी आती है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। किसानों का विश्वास(Chhattisgarh Fertilizer Availability) बढ़ रहा है और वे बड़े पैमाने पर अपनी धान की फसल में नैनो खाद का उपयोग कर रहे हैं।