Chhattisgarh Census 2027 : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का डिजिटल शंखनाद, आज से ‘स्व-गणना’ शुरू, घर बैठे पोर्टल पर दे सकेंगे अपनी जानकारी

छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में आज से 16वीं जनगणना की प्रक्रिया का आधिकारिक तौर पर आगाज (Chhattisgarh Census 2027) हो गया है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, जनगणना 2027 के पहले चरण में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की शुरुआत की गई है।
यह पहली बार है जब नागरिकों को यह सुविधा दी जा रही है कि वे खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकें। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाली इस ऑनलाइन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य जनगणना के काम को अधिक सटीक, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
डिजिटल एंट्री के बाद मिलेगा रेफरेंस नंबर (Chhattisgarh Census 2027)
राज्य के नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं और मांगी गई जानकारी भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर एक रेफरेंस आईडी भेजी जाएगी।
इस आईडी का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि जब दूसरे चरण में सर्वेयर आपके घर पहुँचेंगे, तो आपको बस यह आईडी दिखानी होगी और आपका वेरिफिकेशन तुरंत हो जाएगा। इससे न केवल नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों को भी डेटा कलेक्शन में काफी आसानी होगी।
मई महीने में शुरू होगा जमीनी सर्वे
ऑनलाइन डेटा एंट्री के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके तुरंत बाद 1 मई से 30 मई तक डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन का अभियान (Chhattisgarh Census 2027) चलाया जाएगा। इस दौरान गणना अधिकारी हर घर का दौरा करेंगे।
जिन लोगों ने स्व-गणना पोर्टल का उपयोग नहीं किया है, सर्वेयर उनसे आमने-सामने बैठकर जानकारी लेंगे और उसे डिजिटल डिवाइस में फीड करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा और एकत्र किया गया डेटा केवल सांख्यिकीय और योजना निर्माण के उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा।
इन 33 बिंदुओं पर केंद्रित होगी पूरी जानकारी
जनगणना 2027 के लिए कुल 33 मानक प्रश्न तय किए गए हैं, जो परिवार के रहन-सहन और संसाधनों से जुड़े हैं। इसमें परिवार के मुखिया का विवरण, मकान की स्थिति (कच्चा या पक्का), कमरों की संख्या, और बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय और रसोई गैस कनेक्शन के बारे में सवाल (Chhattisgarh Census 2027) पूछे जाएंगे।
इसके अलावा, आधुनिक जीवनशैली को देखते हुए इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन और वाहनों की उपलब्धता की जानकारी भी ली जाएगी। यह डेटा आगामी दशकों के लिए विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।



