31 मई के बाद ऐसे बदलेगा देश का मूड, पीएम मोदी दे सकते है…

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PM Narendra Modi

-देश में लग रहे लॉकडाउन-5 के कयास
-ऐसी भी चर्चा की पीएम मोदी दे सकते है राज्यों को ज्यादा अधिकार

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार (Central government) द्वारा लगाए गए लॉकडाउन 4 (lockdown 4) आने वाली 31 मई को खत्म (Ending 31 May) होने जा रहा है। 31 मई को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) देश से मन की बात करेगें। कयास यही लगाए जा रहे है कि 1 जून के बाद से देश में फिर से लॉकडाउन लगने जा रहा है।

इस बात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) मन की बात में कर सकते हैं। वहीं लॉकडाउन की स्थिति की ओर देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब राज्यों को ज्यादा छूट देने के मूड में नजर आ रहे है।

गृहमंत्री ने की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा

वहीं देश की मौजूदा स्थिति में क्या बदलाव किया जाए इसको लेकर केन्द्री गृहमंत्री अमित शाह ने कल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर सुझाव भी मांगे है। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई होने वाली मन की बात में क्या घोषणा करते हैं।

राज्यों को ज्यादा छूट देने का विचार

लॉकडाउन (lockdown 4) का चौथा चरण खत्म होने के बाद नियम निर्धारित करने के लिहाज से अपनी भूमिका सीमित करने और इस संबंध में राज्यों को ज्यादा छूट देने पर विचार कर रही है। केंद्र कोविड-19 प्रभावित इलाकों को वर्गीकृत करने और लॉकडाउन के नियम तय करने को लेकर राज्यों की तरफ से लगातार प्रकट की जा रही भावना का सम्मान कर रहा है।

राज्यों को मिलेगा ज्यादा अधिकार

इसलिए, मोदी सरकार भविष्य की बड़ी भूमिका राज्यों पर ही छोडऩे का मन बना रही है। अधिकारियों ने कहा कि अब राज्यों को अधिकार दे दिया जाएगा कि वो 1 जून से अपने यहां लॉकडाउन के नियमों को कितना सख्त या सुविधाजनक बनाना चाहते हैं।

30 नगरीय निकायों में बरतेगी सख्ती

केंद्र सरकार उन कोरोना वायरस (corona virus) से सबसे ज्यादा प्रभावित 30 नगर निकायों के कंटेनमेंट जोनों में सख्ती बरतते रहने का सुझाव जरूर देगी जहां से देश में कुल 80′ कोविड-19 मरीज सामने आए हैं। ये 30 नगर निकाय महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, प. बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और ओडिशा से हैं।

‘पूरी संभावना है कि केंद्र सरकार 1 जून से पाबंदियों या इससे छूट देने का फैसले लेने में अपनी भूमिका सीमित कर ले। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर इन मुद्दों को फैसले लेने होंगे।

बंद रह सकते है सिनेमा हॉल और माल

केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन और राजनीतिक आयोजनों के साथ-साथ मॉलों, सिनेमा हॉलों पर लगी पाबंदी कायम रख सकती है। साथ ही, वह अथॉरिटीज को आगे भी यह सुनिश्चित करने को कह सकती है कि लोगफेस मास्क लगाएं और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें।

स्कूल खोलने और टे्रनों को चलाने के लिए राज्य कर सकते है फैसला

जहां तक बात स्कूल खोलने और मेट्रो ट्रेन सर्विस बहाल करने की है तो इन पर गेंद राज्यों के पाले में डाला जा सकता है। हालांकि, धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी जाए या नहीं, इसका फैसला भी राज्यों पर छोड़ा जा सकता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाल में कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि राज्य में मंदिरों, मस्जिदों, गिरिजाघरों समेत अन्य धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी जाए।

15 दिनों में होगी समीक्षा

अधिकारी ने बताया, ‘अब से लॉकडाउन की हर 15 दिनों में समीक्षा होगी जिसमें राज्यों को ज्यादा तवज्जो दिया जाएगा। केंद्र सरकार चारों महानगरों- मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नै समेत 30 शहरों में बिगड़ते हालात को लेकर खासा चिंतित है। कैबिनेट सेक्रटरी राजीव गौबा ने गुरुवार को इन 30 में से 13 नगर निकायों को म्यूनिसिपल कमिश्नरों और जिलाधिकारियों से बात की और हालात का जायजा लिया। (a.)

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