Byju’s Crisis : सिंगापुर की अदालत से बायजू रवींद्रन को बड़ा झटका, 6 महीने जेल की सजा से बढ़ीं मुश्किलें

एक समय देश के सबसे चर्चित शिक्षा कारोबारों में गिनी जाने वाली कंपनी अब लगातार कानूनी और आर्थिक संकटों में घिरती नजर (Byju’s Crisis) आ रही है। सिंगापुर की अदालत से आए ताजा फैसले के बाद कारोबार जगत में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। निवेशकों और स्टार्टअप दुनिया से जुड़े लोग भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

कंपनी के सामने पहले से चल रही आर्थिक परेशानियों के बीच अब अदालत की सजा ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मामले में कंपनी के संस्थापक बायजू रवींद्रन को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हालांकि उन्होंने खुद पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए फैसले को चुनौती देने की बात कही है।

अदालत ने सुनाई छह महीने जेल की सजा : Byju’s Crisis

सिंगापुर की अदालत ने एडटेक कंपनी के संस्थापक बायजू रवींद्रन को अदालत की अवमानना मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अदालत के आदेश के मुताबिक जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।

हालांकि बायजू रवींद्रन ने इस फैसले को केवल प्रक्रियागत बताया है और कहा है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है। उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात भी कही है।

कानूनी खर्च जमा करने का भी आदेश

अदालत ने बायजू रवींद्रन को अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने के साथ कानूनी खर्च जमा करने का निर्देश भी दिया है। इसके अलावा उनसे एक निवेश कंपनी में हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी बायजू से जुड़ी दूसरी इकाई के शेयर रखती है।

लगातार संकटों में घिरती गई कंपनी

एक समय कंपनी की गिनती देश के सबसे बड़े स्टार्टअप (Byju’s Crisis) में होती थी। महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा की मांग बढ़ने से कारोबार तेजी से आगे बढ़ा था। बाद में आर्थिक दबाव, निवेशकों के साथ विवाद और कर्ज से जुड़े मामलों ने कंपनी की स्थिति कमजोर कर दी। कंपनी को कर्मचारियों की छंटनी और वित्तीय संकट जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।

निवेशकों और कर्जदाताओं से विवाद जारी

यह मामला एक निवेशक कंपनी की तरफ से दायर किया गया था। कंपनी का आरोप है कि वित्तीय दबाव के दौर में निवेश से जुड़े मामलों में गंभीर विवाद सामने आए। इसके अलावा अमेरिका में भी कंपनी से जुड़ा एक बड़ा मामला चल रहा है, जहां कर्ज देने वाली संस्थाएं भारी नुकसान की भरपाई की मांग कर रही हैं।

समझौते की बातचीत अंतिम चरण में

फैसले के बाद जारी बयान में बायजू रवींद्रन ने कहा कि निवेशकों और कर्ज देने वाली संस्थाओं के साथ समझौते की बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने अदालत की ताजा कार्रवाई को मामले को जरूरत से ज्यादा बढ़ाने वाला कदम बताया।

कभी 22 अरब डॉलर तक पहुंची थी कंपनी की कीमत

ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में तेजी के दौरान कंपनी को दुनिया भर के निवेशकों का समर्थन (Byju’s Crisis) मिला था। एक समय इसकी वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। बाद में कारोबार और वित्तीय स्थिति में लगातार गिरावट दर्ज की गई।

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