Bastar Farmers Issue : बस्तर में धान खरीदी पर विधानसभा में घमासान, कावासी लखमा ने पूछा – कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को क्या मिलेगी राहत?

छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी का मुद्दा एक बार फिर जोरदार तरीके (Bastar Farmers Issue) से उठा। बस्तर संभाग में धान खरीदी को लेकर उठे सवालों पर सदन का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस विधायक कावासी लखमा ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा कि जिन किसानों ने कर्ज लेकर धान की खेती की और उनका धान नहीं खरीदा गया, क्या ऐसे किसानों का कर्ज सरकार माफ करेगी।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान लखमा ने कहा कि बस्तर के कई किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी कि बस्तर संभाग के जिलों – दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बस्तर, कोंडागांव और सुकमा – में धान बेचने के लिए कितने किसानों का पंजीयन हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि इन जिलों में वास्तविक रूप से कितने किसानों का धान खरीदा गया।
लखमा ने यह भी सवाल उठाया कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों को कितने टोकन (Bastar Farmers Issue) जारी किए गए और कितने ऐसे किसान हैं जिन्हें टोकन मिलने के बावजूद धान बेचने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है, ऐसे में यदि उनका धान नहीं खरीदा गया तो उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
धान खरीदी के इस मुद्दे पर सदन में कुछ समय तक तीखी बहस चली। विपक्षी सदस्यों ने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की और किसानों के हितों का मुद्दा उठाया।
मामले पर जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से नियमानुसार धान खरीदी की गई है। उन्होंने बस्तर संभाग के जिलों के आंकड़े भी सदन के पटल पर रखे।
सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की स्थिति इस प्रकार रही…
बस्तर – 50,273 किसान पंजीकृत, 40,667 किसानों ने धान बेचा, कुल 2,81,742.56 मीट्रिक टन धान खरीदी।
दंतेवाड़ा – 13,930 किसान पंजीकृत, 7,518 किसानों ने धान बेचा, 22,842.08 मीट्रिक टन धान खरीदी।
कोंडागांव – 55,205 किसान पंजीकृत, 47,471 किसानों ने धान बेचा, 3,23,630.48 मीट्रिक टन धान खरीदी।
नारायणपुर – 11,972 किसान पंजीकृत, 7,715 किसानों ने धान बेचा, 38,950 मीट्रिक टन धान खरीदी।
सुकमा – 18,833 किसान पंजीकृत, 14,549 किसानों ने धान बेचा, 86,730.96 मीट्रिक टन धान खरीदी।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदा है और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके (Bastar Farmers Issue) से पूरी की गई है।
हालांकि सरकार के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और विरोध जताते हुए विपक्षी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। धान खरीदी को लेकर उठे इस मुद्दे ने बस्तर के किसानों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।



