Bribe Case : 20 हजार की रिश्वत मांगना पड़ा भारी, कुम्हारी थाने का आरक्षक सस्पेंड
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना में पदस्थ एक आरक्षक पर सड़क हादसे में जब्त कार छुड़ाने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। शिकायत की जांच के बाद दुर्ग एसएसपी ने आरक्षक सोलोमन राजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता विमलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे उनकी कार और सामने से आ रही टीवीएस सुपर एक्सल बाइक के बीच टक्कर हो गई थी। हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसे उन्होंने तत्काल रायपुर के महोबा बाजार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का पूरा खर्च भी उठाया। उनका कहना है कि उस समय दूसरे पक्ष ने मामला दर्ज नहीं कराने की बात कही थी, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
पीड़ित का आरोप है कि एफआईआर के बाद पुलिस बार-बार उन्हें कभी सुबह तो कभी देर रात थाने बुलाती रही। हर बार नए दस्तावेजों की मांग कर वापस भेज दिया जाता था। इस दौरान खर्चा-पानी के नाम पर भी कई बार रुपये लिए गए।
कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर मांगे 20 हजार रुपये
विमलेश के अनुसार हादसे के बाद उनकी नई किया सोनेट कार पुलिस ने जब्त कर ली थी। 7 जुलाई को कोर्ट से वाहन रिलीज कराने की प्रक्रिया के दौरान पहले 1,500 रुपये लिए गए। इसके बाद फोटोकॉपी के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी गई और फिर कोर्ट में चालान पेश कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की गई।
जमानत में देरी का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमानत प्रक्रिया में भी जानबूझकर देरी की गई। उनके मुताबिक कोर्ट में दस्तावेज दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे पेश किए गए, जबकि ऐसे मामलों में दस्तावेज पहले हाफ में प्रस्तुत किए जाते हैं। देरी के कारण उनके भाई की जमानत तो हो गई, लेकिन कार रिलीज नहीं हो सकी। अब वाहन छोड़ने के लिए उन्हें एक सप्ताह बाद की तारीख मिली है।
एसएसपी ने किया तत्काल निलंबित
शिकायत सामने आने के बाद दुर्ग एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच में शिकायत को गंभीर मानते हुए आरक्षक सोलोमन राजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।



