संपादकीय: गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा की बल्ले बल्ले

Editorial: गुजरात विधानसभा चुनाव के एक साल पहले हुए नगरीय निकाय चुनाव में एक बार फिर भाजपा की बल्ले बल्ले हो गई है। गुजरात नगरीय चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है तथा शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्राों तक एकतरफा जीत हासिल करके उसने बड़ी कामयाबी पाई है। गुजरात के सभी 15 नगर निगमों में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद महानगरपालिका की 192 सीटों में से 198 सीटें भाजपा ने जीती हैं वहीं कांग्रेस को 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
इसी तरह नगरपालिका, जिला पंचायत और तहसील पंचायत के चुनाव में भी भाजपा ने अपना परचम लहराया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का सुपड़ा पूरी तरह साफ हो गया है। सबसे रोचक नतीजा तो गोधरा के एक वार्ड का रहा है जहां सौ प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं और वहां से भाजपा की एक हिन्दु महिला प्रत्याशी जीत गई है। इसी से स्प्ष्ट है कि गुजरात के नगरीय निकाय चुनाव में हिन्दू मुस्लिम फैक्टर काम नहीं आया है और खुद को मुस्लिम वोट बैंक का मालिक साबित करने वाली कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी को भी इनके उतने वोट नहीं मिले है जितनी उन्होंने उम्मीद की थी।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को उंगलियों को गिने जाने वाली सीटें मिली है। इनसे बेहतर तो असद्दुदीन ओवैसी का प्रदर्शन रहा है जिसने गिनती की सीटें लड़ी और पांच सीटों पर कामयाबी हासिल की कुल मिलाकर गुजरात विधानसभा के पहले हुए नगरी निकाय चुनाव जिले सत्ता का सेमिफाइनल कहा जा रहा था और इसमें आम आदमी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करने का दावा कर रही थी वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा को मात देने की बात कर रहे थे इन दोनों ही पार्टियों को गुजरात के मतदाताओं ने नकार कर यह सिद्ध कर दिया कि उनका भाजपा पर आज भी भरोसा कायम है।



