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बड़ी खबर ! किसानों को कुचलने के आरोपी मंत्री के बेटे को मिली जमानत

Lakhimpur Violence: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी

इलाहाबाद। Lakhimpur Violence: किसानों को वाहन से कुचलने के आरोप में लखीमपुर हिंसा मामले में जेल में बंद केंद्रीय गृहमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट से राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष मिश्रा 11 फरवरी को जेल से रिहा होंगे।

हिंसा में आठ की मौत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आशीष मिश्रा को लखीमपुर हिंसा (Lakhimpur Violence) मामले में जमानत दे दी है। चुनाव से पहले आशीष मिश्रा को जमानत मिलने के साथ, अब सवाल यह है कि इससे किस पार्टी को फायदा होगा। तिकोनिया निघासन विधानसभा क्षेत्र में पिछले साल तीन अक्टूबर को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के दौरान चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था।

पांच हजार पेज का अभियोग

हिंसा मामले में एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल की थी। पांच हजार पन्नों के चार्जशीट में केंद्रीय गृह मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भैया को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आशीष मिश्रा समेत सोलह लोगों को आरोपित किया गया है। पिछले साल 3 अक्टूबर को आशीष मिश्रा समर्थकों और किसानों के बीच हुई झड़प में आठ लोगों की मौत हो गई थी। जांचकर्ताओं ने आशीष मिश्रा और अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। चार्जशीट के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीपों और एसयूवी ने कुचल दिया।

208 लोगों द्वारा रिपोर्ट की गई गवाही

जांच के दौरान एसआईटी को साक्ष्य के 17 टुकड़े, भौतिक साक्ष्य के सात टुकड़े और 24 वीडियो फोटो मिले, जिससे आरोपियों की परेशानी और बढ़ गई। इसके अलावा 208 लोगों ने गवाही दी। इस आधार पर एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल की। प्रत्यक्षदर्शियों ने एसआईटी को बताया कि मंत्री का बेटा आशीष मौके पर मौजूद था। एक किसान की शिकायत के आधार पर आशीष मिश्रा और उसके साथियों पर हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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