छत्तीसगढ़

Bhilai Thetis Company Gas Leak : थेथिस कंपनी में गैस रिसाव से 35 लोग बीमार, आंख और गले में जलन के बाद अस्पताल में मची चीख-पुकार

भिलाई के इंजीनियरिंग पार्क स्थित थेथिस कोलटार पिच निर्माण कंपनी में शुक्रवार देर रात जहरीली गैस रिसाव की एक खौफनाक घटना से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप (Bhilai Thetis Company Gas Leak) मच गया। गैस के जानलेवा प्रभाव में आने से लगभग 35 लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में आधी रात को ही सुपेला स्थित शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे का शिकार न केवल कंपनी के पास रहने वाले मासूम स्थानीय नागरिक हुए, बल्कि आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में नाइट शिफ्ट में काम कर रहे मजदूर और कर्मचारी भी इसके फेर में आ गए।

रात के सन्नाटे में अचानक फैली इस गैस ने लोगों को भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी, जिससे पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी के बाद अधिकांश लोगों को छुट्टी दे दी गई है और फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन इस लापरवाही ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

दम घुटने लगा और शरीर में होने लगी खुजली : Bhilai Thetis Company Gas Leak

चश्मदीदों और प्रभावित लोगों ने बताया कि देर रात अचानक हवा में एक बेहद तीखी और दम घोंटू दुर्गंध फैलने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, घरों और फैक्ट्रियों के भीतर मौजूद लोगों की आंखों में तेज जलन, सांस लेने में तकलीफ, गले में भयंकर खराश और पूरे शरीर में असहज खुजली शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

आसपास के कारखानों में काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि यदि समय रहते लोगों को अस्पताल न ले जाया जाता, तो यह गैस रिसाव किसी बड़ी जनहानि में बदल सकता था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस कंपनी से निकलने वाले घातक प्रदूषण और जहरीली गंध की शिकायतें वे बरसों से प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन हर बार उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया।

पर्यावरण विभाग पर माफिया से सांठगांठ और लीपापोती का आरोप

थेथिस कंपनी के खिलाफ नियमों को ताक पर रखकर संचालन करने और पर्यावरणीय मानकों का खुलेआम उल्लंघन करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मिश्रा लंबे समय से इस फैक्ट्री की अवैध और खतरनाक गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

मिश्रा ने सीधे तौर पर पर्यावरण विभाग और स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि कंपनी से निकलने वाले जहरीले केमिकल और प्रदूषक तत्वों की पुख्ता शिकायतें कई बार संबंधित विभागों को सबूतों के साथ सौंपी (Bhilai Thetis Company Gas Leak) गईं। अधिकारियों ने हर बार शिकायत मिलने पर जांच के नाम पर केवल दफ्तरों में बैठकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। पर्यावरण विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने वास्तविक कार्रवाई करने के बजाय हमेशा मामले में लीपापोती कर प्रबंधन को बचाने का काम किया।

हादसे के बाद भी सोया रहा प्रशासन, स्वतंत्र जांच की उठी मांग

इतनी बड़ी औद्योगिक दुर्घटना होने और 35 लोगों के अस्पताल पहुंचने के बाद भी जिला प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग का रवैया बेहद शर्मनाक और उदासीन बना हुआ है। घटना को बीते कई घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी या प्रदूषण बोर्ड के मुखिया का इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है।

प्रशासन की इस रहस्यमयी चुप्पी से नाराज भिलाई के नागरिकों और श्रमिक संगठनों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना (Bhilai Thetis Company Gas Leak) लिया है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि थेथिस कंपनी के संचालन को तुरंत निलंबित कर इसकी किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, फैक्ट्री का तत्काल पर्यावरणीय आडिट (Environmental Audit) कराकर दोषियों को सीधे जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में भिलाई के किसी भी रिहायशी इलाके में ऐसा जानलेवा हादसा दोबारा न हो।

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