छत्तीसगढ़

Bharatmala Scam : भिलाई में ईडी का एक्शन, पूर्व आईएएस जेके ध्रुव के ठिकानों पर छापा

भिलाई में बुधवार सुबह अचानक बढ़ी गतिविधियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच (Bharatmala Scam) लिया। एक साथ कई वाहनों के पहुंचने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई। आसपास के लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता रही कि आखिर जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है।

सुबह से अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी रही। कार्रवाई की खबर सामने आते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गईं। मामला पहले से चर्चित जमीन अधिग्रहण प्रकरण और भर्ती घोटाले से जुड़े नामों के कारण और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।

पूर्व आईएएस के ठिकानों पर कार्रवाई : Bharatmala Scam

भारतमाला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के भिलाई स्थित घर सहित तीन स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार अधिकारियों की टीम कई वाहनों में सुबह करीब 6 बजे पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की।

जेके ध्रुव पहले से ही सीजी पीएससी भर्ती घोटाले के मामले में आरोपी हैं और वर्तमान में जेल में बंद हैं। इस कार्रवाई को भारतमाला मामले से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि एजेंसी की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला

रायपुर से विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान से जुड़े मामले में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है। इस प्रकरण में हरमीत सिंह खनूजा को मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर आर्थिक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। फिलहाल डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।

जमीन अधिग्रहण में गड़बड़ी के आरोप

मामले में आरोप है कि भूमि को छोटे छोटे हिस्सों में विभाजित कर मुआवजे की राशि (Bharatmala Scam) बढ़ाई गई। जांच में सामने आया कि कई नए नाम रिकॉर्ड में दर्ज किए गए, जिसके बाद मुआवजे की रकम में बड़ा अंतर देखने को मिला। बताया गया है कि जमीन के मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के चलते करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई है।

कई अधिकारियों पर कार्रवाई

इस मामले में पहले भी कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया था। आरोप है कि मुआवजा वितरण में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं।

क्या है भारतमाला परियोजना

भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख सड़क संपर्क योजनाओं (Bharatmala Scam) में शामिल है। इसके तहत देशभर में आर्थिक कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि माल परिवहन और सड़क संपर्क को बेहतर बनाया जा सके। रायपुर विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर भी इसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया को लेकर जांच चल रही है।

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