संपादकीय: साय सरकार का एक और सराहनीय निर्णय

Editorial: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने बढ़ती गर्मी को मद्देनजर रखकर मासूम छात्रों के हित में एक और सराहनीय निर्णय लिया है, जिसका अभिभावकों ने स्वागत किया है। गौरतलब है कि इन दिनों प्रदेश में गर्मी लगातार बढ़ती ही जा रही है। नन्हें-मुन्ने छात्रों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसका उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पडऩे लगा था। कई छात्र तो बीमार भी हो गए थे।
इस बारे में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. नितेश साहू ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार को सुझाव दिया था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश जल्द घोषित किया जाए। कई अन्य संगठनों ने भी इस बाबत मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। छात्रों के अभिभावक भी चाह रहे थे कि भारी गर्मी को देखते हुए स्कूल जल्दी बंद किए जाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल स्कूल शिक्षा विभाग को ग्रीष्मकालीन अवकाश की पूर्व निर्धारित तिथियों में संशोधन करने का निर्देश दे दिया।
नतीजतन स्कूलों में अब 20 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस बाबत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से मासूम बच्चों को बचाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बहरहाल, साय सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है।



