छत्तीसगढ़

Amit Shah Discussion About Cyclone ‘Arnab’With CM Sai: चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर अमित शाह ने सीएम साय से की बात, छत्तीसगढ़ को हरसंभव मदद का भरोसा

  • -आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के साथ छत्तीसगढ़ की स्थिति की भी ली जानकारी
  • -राहत-बचाव कार्यों में जुटीं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें

रायपुर/नवप्रदेश। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर को देखते हुए केंद्र सरकार (Amit Shah Discussion About Cyclone ‘Arnab’With CM Sai) ने छत्तीसगढ़ समेत प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव कार्यों पर नजर बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से फोन पर चर्चा की। उन्होंने चक्रवात से उत्पन्न स्थिति को लेकर जानकारी ली और जरूरत पडऩे पर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। शाह ने स्पष्ट किया कि आपदा के समय लोगों की परेशानी कम करना सरकार की प्राथमिकता है और केंद्र प्रभावित राज्यों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

केंद्रीय गृह मंत्री (Amit Shah Discussion About Cyclone ‘Arnab’With CM Sai)ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें सक्रियता से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और आगे की सहायता तय करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भी भेजेगी। इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में चक्रवात के असर पर केंद्र की नजर

चक्रवात को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री (Amit Shah Discussion About Cyclone ‘Arnab’With CM Sai) की बातचीत में छत्तीसगढ़ को भी शामिल किए जाने से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार प्रदेश की स्थिति पर नजर रख रही है। चक्रवात का मुख्य प्रभाव समुद्र तटीय राज्यों में होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में संभावित बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए सतर्कता महत्वपूर्ण है। खासकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में मौसम की स्थिति पर निगरानी रखने की जरूरत है।


मौसम विभाग की 29 अक्टूबर की सुबह की जानकारी के अनुसार, चक्रवात का कमजोर पड़ा सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में मौजूद था। सुबह साढ़े पांच बजे इसका केंद्र जगदलपुर से करीब 20 किलोमीटर पश्चिम में दर्ज किया गया। इसके उत्तर दिशा में आगे बढऩे और शाम तक और कमजोर होने का अनुमान जताया गया है। रायपुर और संबलपुर के डॉप्लर मौसम रडार से इस पर निगरानी रखी जा रही है।

नुकसान का आकलन करने आएगी केंद्रीय टीम

गृह मंत्रालय के मुताबिक, चक्रवात से प्रभावित राज्यों में नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भेजी जाएंगी। ये टीमें आपदा के प्रभाव और अतिरिक्त सहायता की जरूरत का आकलन करेंगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

केंद्र ने दिए तीन बड़े भरोसे

  • हरसंभव सहायता : छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश को आपदा से निपटने में सहयोग।
  • राहत-बचाव : हृष्ठक्रस्न और स्ष्ठक्रस्न की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय।
  • नुकसान का आकलन : अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता तय होगी।

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