Amarnath Yatra : अमरनाथ यात्रा में इस बार क्या बदला, चार दशक का रिकॉर्ड टूटा तो श्रद्धालुओं के लिए जारी करनी पड़ी नई सलाह
अमरनाथ यात्रा के रास्तों पर इस बार अलग ही माहौल दिखाई (Amarnath Yatra) दे रहा है। बेस कैंपों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। दूर दूर से पहुंचे लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और यात्रा को लेकर चर्चा भी तेज है। बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा इंतजाम पहले से ज्यादा सख्त नजर आ रहे हैं।
यात्रा मार्ग पर तैनात अधिकारी लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा पहुंचने के कारण हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी बीच यात्रियों से नियमों का पालन करने और तय प्रक्रिया के अनुसार ही यात्रा करने की अपील भी की गई है।
गुफा में समय से पहले लुप्त हुआ प्राकृतिक शिवलिंग Amarnath Yatra
इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले चार दशकों का रिकॉर्ड पार कर लिया है। बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण पहुंचे यात्रियों और मौसम में बदलाव के असर के बीच पवित्र गुफा में बनने वाला प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग अब दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह बनी हुई है और लोग दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।
पांच दिन बाद ही नहीं रहे बाबा बर्फानी के दर्शन
तीन जुलाई से शुरू हुई यात्रा के पहले सप्ताह में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हालांकि इस बार प्राकृतिक शिवलिंग केवल पांच दिन तक ही दिखाई दिया। पिछले वर्ष यह सात दिनों तक मौजूद रहा था। यात्रा से लौट रहे कई श्रद्धालुओं ने समय से पहले शिवलिंग के लुप्त होने पर निराशा जताई। उनका कहना है कि बढ़ती भीड़, प्रदूषण, विशेष प्रवेश व्यवस्था और बढ़ते तापमान जैसे कारणों से बर्फ जल्दी पिघल गई।
रिकॉर्ड भीड़ से बढ़ी व्यवस्था की चुनौती
इस बार हर दिन हजारों श्रद्धालु कश्मीर पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो पहले से पंजीकरण कराए बिना यात्रा के लिए आ रहे हैं। ऐसे यात्रियों को पंजीकरण केंद्रों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है जिन्हें अपने आरएफआईडी कार्ड लेने हैं। बढ़ती भीड़ के कारण यात्रा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में ही लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन (Amarnath Yatra) कर चुके हैं। पिछले वर्ष शुरुआती चार दिनों में करीब पचपन हजार श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस बार यही संख्या बढ़कर लगभग छियासी हजार तक पहुंच गई। इसी कारण सुरक्षा अधिकारियों को लगातार सतर्क रखा गया है।
श्रद्धालुओं के लिए जारी की गई नई सलाह
भीड़ को देखते हुए यात्रा प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सलाह जारी की गई है। बिना पंजीकरण आने वाले लोगों से अपनी निर्धारित बारी का इंतजार करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि तय क्षमता से अधिक लोगों को एक साथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ वैध पंजीकरण दस्तावेज रखें, सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें और जिस तारीख के लिए पंजीकरण मिला है उसी दिन बेस कैंप (Amarnath Yatra) पहुंचें। अधिकारियों ने कहा कि सभी विभाग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी से दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।



