छत्तीसगढ़

Bastar zone: मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल में 5 बड़े स्टील प्लांट खोलने की दी सहमति

  • मुख्यमंत्री ने कहा: शहीद महेन्द्र कर्मा की इच्छानुरूप होगा बस्तर का विकासदंतेवाड़ा के
  • सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकातदेवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए व्यक्त किया आभार

रायपुर। Bastar zone : सरपंच संघ की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर अंचल के विकास और समृद्धि के लिए 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट को खोलने की सहमति प्रदान की है ताकि यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके।

दंतेवाड़ा जिले से आए सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात कर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने (Bastar zone) इस पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद महेन्द्रकर्मा जी की भी इच्छा थी कि दंतेवाड़ा सहित बस्तर अंचल में बड़े उद्योग लगे। उनकी इच्छानुरूप ही बस्तर का विकास किया जाएगा।

सरपंच संघ की मांग पर राज्य सरकार द्वारा इस अंचल में 4 से 5 बडे़ स्टील प्लांट खोलने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।  प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से गीदम विकासखण्ड के घोटपाल-हीरानार में उपलब्ध लगभग 500 एकड़ जमीन में उद्योग लगाने के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इसके लिए किसानों से जमीन लेने की आवश्यक्ता भी नहीं होगी।

प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से कहा कि बस्तर अंचल (Bastar zone) से लौह अयस्क बाहर भेजा जाता है। इस अंचल के दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव सहित अन्य स्थानों में बड़े लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं इन उद्योगों के लगने से अन्य सहायक उद्योग धंधे भी प्रारंभ होंगे जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि उद्योग लगने से यहां होटल और परिवहन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा भी स्थानीय लोगों को मिलेगा।  

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सरपचों ने राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज की आस्था के अनुरूप वनांचल क्षेत्रों में देवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और सरपंच संघ की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली।

सरपंचों ने बताया कि कोरोना संकट के समय गोबर विक्रय से मिली राशि ग्रामीणों के काम आयी। गोबर से पैसा मिलने से ग्रामीण खुश हैं। (Bastar zone) गोठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम भी किया जा रहा है। गांवों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सूखा राशन वितरण की जानकारी उन्होंने दी।
   
      सरपंच संघ के अध्यक्ष अनिल कर्मा ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में गोठान निर्माण का कार्य चल रहा है साथ ही गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी एवँ वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है ।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पुराने भवनों का जीर्णोद्धार कर स्थानीय युवाओं को कपड़ा दुकान, नाई की दुकान, पंचर रिपेयरिंग जैसे छोटे-छोटे रोजगार उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है । इस अवसर पर मोपलनार, बड़े सुरोखी, नांगुल और गोठपाल ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित थे ।

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