Jaypee Wish Town Noida Maintenance Hike : योगी के नाम पर दोगुना मेंटिनेंस का नोटिस, जेपी विश टाउन सोसाइटी के निवासियों का कड़ा विरोध, नोएडा सीईओ ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरी बढ़ाने के आदेश (Jaypee Wish Town Noida Maintenance Hike) दिए हैं इसलिए जेपी (सुरक्षा) इंफ्रा लिमिटेड 2 रुपए प्रति स्क्वायर फिट से 3 रुपया 89 पैसा फ्लैट मालिकों से मेंटिनेंस शुल्क एक मई से वसूलेगी। सीएम का नाम मौखिक लिया जा रहा लिखित रूप में मिनिमम-वेज बढ़ने का बहाना बनाया जा रहा है।
जेपी विश टाउन कॉसमॉस, बी – 43 की निवासी सुलेखा, रीता, स्मिता, रीना सहित कई रेजिडेंट्स ने आरोप लगाया कि जेपी को अधिगृहित करने के बाद से सुरक्षा कंपनी मनमानी पर उतारू है। न एनसीएलटी ट्रिब्यूनल के आदेश माना का रहा है न कानून सम्मत कदम उठाए जा रहे हैं।
निवासियों ने कड़ा विरोध जताते हुए नोएडा प्राधिकरण से हस्तक्षेप की मांग की है। सोसाइटी के निवासी और वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सोनी, प्रोफेसर (डॉ) आरएस राय ने आज नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, श्री कृष्णा करुणेश से मुलाकात कर उनसे नोएडा, 134 स्थित जेपी कॉसमॉस क्लस्टर बी-43 के निवासियों तथा सुरक्षा मैनेजमेंट के बीच मध्यस्थता करने का अनुरोध किया।
विदित हो कि सुरक्षा मैनेजमेंट ने मेंटेनेंस चार्ज मनमाने तरीके से दोगुना करने का नोटिस निवासियों (Jaypee Wish Town Noida Maintenance Hike) को भेजा है। नोएडा ऑथोरिटी के सीईओ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक वरिष्ठतम अधिकारी को मामले का समाधान करने का आदेश दिया है।
सोसाइटी के निवासियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सीईओ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम हजारों परिवारों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बिना अनुबंध के बढ़ोतरी, नियमों की अनदेखी (Jaypee Wish Town Noida Maintenance Hike)
निवासियों का आरोप है कि सुरक्षा एआरसी ने बिना किसी वैध “मेंटेनेंस एग्रीमेंट” के कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क को ₹2.00 प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर ₹3.89 प्रति वर्ग फुट कर दिया है, जो लगभग 94.5% की वृद्धि है। यह बढ़ोतरी 1 मई 2026 से लागू करने का अल्टीमेटम दिया गया है। यह कदम एनसीएलटी के रेजोल्यूशन प्लान (क्लॉज 22.9) और रेरा कानून के प्रावधानों के विपरीत बताया जा रहा है।
रेरा अधिनियम का उल्लंघन और सेवाएं बंद करने की चेतावनी
शिकायत के अनुसार, यह बढ़ोतरी RERA Act की धारा 11(4)(d) और (e) का उल्लंघन है, जिसके तहत प्रमोटर को आवश्यक सेवाएं उचित शुल्क पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है, जब तक कि प्रोजेक्ट का हस्तांतरण AOA को नहीं हो जाता।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि यदि बढ़ी हुई दरें स्वीकार नहीं की गईं, तो मेंटेनेंस सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी गई है, जो कि “अनुचित व्यापार व्यवहार” की श्रेणी में आता है।
दर निर्धारण में पारदर्शिता पर सवाल
निवासियों ने दरों में असंगत बदलाव पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मात्र 20 दिनों के भीतर प्रस्तावित दर ₹3.63 से बढ़ाकर ₹3.89 कर दी गई, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता संदिग्ध हो जाती है।
अन्य क्लस्टर्स से ज्यादा शुल्क, भेदभाव का आरोप
क्लस्टर B-43 के निवासियों का कहना है कि अन्य क्लस्टर्स की तुलना में उनसे अधिक शुल्क लिया जा रहा है, जबकि यहां अभी भी 21 टावर अधूरे हैं। इसे उन्होंने भेदभावपूर्ण और अनुचित बताया है।
निवासियों की मांगें
निवासियों ने प्राधिकरण से निम्नलिखित मांगें की हैं:
प्रस्तावित मेंटेनेंस बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगाई जाए
डेवलपर को आवश्यक सेवाएं बाधित न करने के निर्देश दिए जाएं
संयुक्त ऑडिट और वैध एग्रीमेंट के बाद ही शुल्क निर्धारित किया जाए
CEO को धन्यवाद
क्लस्टर B-43 के सभी निवासियों की ओर से टावर प्रतिनिधियों ने नोएडा प्राधिकरण के CEO करुणेश कृष्णा का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करते हुए जांच के आदेश दिए और शीघ्र समाधान की दिशा में कदम उठाए।



