Kharun Bridge Repair : 16 दिनों में चकाचक हुआ खारुन ब्रिज, आज से सरपट दौड़ेंगे वाहन, जाम से मिली मुक्ति

राजधानी रायपुर और भिलाई-दुर्ग के बीच सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए आज की सुबह बड़ी खुशखबरी (Kharun Bridge Repair) लेकर आई है। जीवनरेखा माने जाने वाले खारुन नदी के पुराने पुल की मरम्मत का काम महज 16 दिनों के भीतर रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।
जिस काम के लिए महीने भर का वक्त तय किया गया था, उसे युद्ध स्तर पर चलाकर आधे समय में ही खत्म कर दिया गया। आज यानी शुक्रवार सुबह से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दी गई है।
30 दिन का लक्ष्य, 16 दिन में जीत (Kharun Bridge Repair)
खारुन ब्रिज पर दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। हर दिन करीब डेढ़ लाख वाहनों का बोझ सहने वाले इस मार्ग को लंबे समय तक बंद रखना मुमकिन नहीं था।
यही वजह रही कि जहां 30 दिनों की समय सीमा दी गई थी, वहीं ठेका कर्मियों और विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात एक कर इसे मात्र 16 दिनों में ही दुरुस्त कर दिया। गुरुवार शाम को सफलता पूर्वक ट्रायल रन होने के बाद आज से इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
खाकी का कड़ा पहरा, दुर्ग-रायपुर पुलिस का तालमेल
पुल बंद होने के दौरान यातायात व्यवस्था को पटरी पर रखना सबसे बड़ी चुनौती (Kharun Bridge Repair) थी। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल और रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के बीच बेहतर समन्वय ने इस मुश्किल को आसान बना दिया। दुर्ग एसएसपी खुद हर दूसरे दिन मौके पर पहुंचकर काम की रफ्तार का जायजा लेते रहे।
रायपुर पुलिस कमिश्नर ने भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस की मेहनत की जमकर सराहना की है। बता दें कि इस दौरान टाटीबंध चौक से लेकर रायपुरा और सिलतरा बाईपास तक 80 से ज्यादा ट्रैफिक जवान सुबह-शाम तैनात रहे ताकि लोगों को जाम में न जूझना पड़े।
कैसे रही वैकल्पिक व्यवस्था?
31 मार्च की आधी रात से जब भारी वाहनों का प्रवेश रोका गया था, तब सारा बोझ नए पुल और नीचे बने छोटे पुल पर आ गया था। कुम्हारी की ओर से छोटे वाहनों को डायवर्ट किया गया था, जबकि रायपुर से दुर्ग जाने के लिए लघु पुल का सहारा लिया (Kharun Bridge Repair) जा रहा था।
हालांकि इस बीच कई बार धीमा ट्रैफिक देखने को मिला, लेकिन चौबीस घंटे चली ड्यूटी और ठेका कर्मियों की मुस्तैदी ने समय से पहले काम पूरा कर जनता को बड़ी राहत दे दी है। अब भारी और हल्के, दोनों तरह के वाहन बिना किसी रोक-टोक के पुराने पुल का इस्तेमाल कर सकेंगे।



