Rajya Sabha Election CG 2026 : होली के रंग के बीच कटेगा राज्यसभा का टिकट, सस्पेंस में फंसे विधायक

Rajya Sabha Election CG 2026

Rajya Sabha Election CG 2026

छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी हलचल तेज हो गई है और इस बार रंगों के त्योहार के बीच ही सियासी रंग गहराने वाले हैं। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 26 फरवरी को अधिसूचना जारी (Rajya Sabha Election CG 2026) किए जाने के बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,

लेकिन अब तक किसी भी दल ने आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि एक सीट पर भारतीय जनता पार्टी और दूसरी पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उम्मीदवार निर्वाचित होगा, क्योंकि विधानसभा में संख्या बल का गणित लगभग स्पष्ट है।

इस बीच विधानसभा का बजट सत्र शनिवार से नौ मार्च तक स्थगित है, जबकि राज्यसभा चुनाव के लिए पांच मार्च नामांकन की अंतिम तिथि (Rajya Sabha Election CG 2026) तय की गई है। विधानसभा सचिवालय दो और तीन मार्च को खुला रहेगा, चार मार्च को होली का अवकाश रहेगा और पांच मार्च को फिर से कार्यालय खुलेगा। ऐसे में यदि पार्टियां दो या तीन मार्च तक नाम तय कर देती हैं तो उसी दिन पर्चा दाखिल हो सकता है,

अन्यथा अंतिम दिन पांच मार्च को ही नामांकन होगा। यही वजह है कि विधायकों के बीच असमंजस की स्थिति है, क्योंकि नामांकन के दौरान प्रस्तावक और समर्थक के रूप में उनकी मौजूदगी जरूरी होगी। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विधायक खासे चिंतित बताए जा रहे हैं, जिन्हें होली के तुरंत बाद रायपुर लौटना पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ से वर्तमान में राज्यसभा सदस्य रहे केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। दोनों कांग्रेस कोटे से उच्च सदन (Rajya Sabha Election CG 2026) में पहुंचे थे। इस बार प्रत्याशी चयन को लेकर दोनों दलों में मंथन जारी है। भाजपा में संभावित दावेदारों की सूची लंबी बताई जा रही है, जिसमें पूर्व विधायक और संगठन से जुड़े कई चेहरे शामिल हैं। वहीं कांग्रेस में भी वरिष्ठ नेताओं के नामों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

राजधानी से लेकर दिल्ली तक बैठकों और संपर्कों का दौर जारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर ही होगा। होली के उल्लास के बीच टिकट की घोषणा होने की संभावना ने सियासी सरगर्मी और बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पांच मार्च से पहले कौन-सा नाम सामने आता है और क्या दोनों सीटों पर निर्विरोध चुनाव की स्थिति बनती है या मुकाबला रोचक मोड़ लेता है।

You may have missed