CG Budget Session 2026 : धर्म स्वातंत्र्य और लोक सुरक्षा विधेयक लाने की तैयारी, सदन से सड़क तक गरमाएगी सियासत
CG Budget Session 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मौजूदा बजट सत्र कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील (CG Budget Session 2026) रहने वाला है। सत्र के दौरान राज्य सरकार दो अहम विधेयक – छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 – सदन में पेश करने की तैयारी में है। इन विधेयकों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं और माना जा रहा है कि सदन के भीतर से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सोमवार 23 फरवरी से शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ, जिसमें सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई,
जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी (CG Budget Session 2026) मौजूद रहे। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में पेश की, जबकि 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा 25 फरवरी को प्रस्तावित है।
सरकार धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्ती दिखाने की तैयारी में है और इसके लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाने का खाका तैयार किया गया है। सरकार का मानना है कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सेवा, शिक्षा और आर्थिक सहायता के माध्यम से धर्मांतरण के मामले सामने आए हैं,
जिन्हें रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत करना (CG Budget Session 2026) आवश्यक है।
इस विधेयक के जरिए धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर नियंत्रण और निगरानी को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक के माध्यम से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उपाय भी प्रस्तावित हैं।
इस बजट सत्र में कोंटा विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। शराब घोटाले से जुड़े मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें सशर्त रूप से सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
उन्हें अपने मामले से संबंधित किसी भी विषय पर बोलने की अनुमति नहीं होगी और यदि वे इन शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो उनकी अनुमति तुरंत रद्द की जा सकती है। हालांकि वे बजट और अन्य सामान्य मुद्दों पर चर्चा में भाग ले सकेंगे।
विधानसभा सत्र को लेकर विधायकों की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 2,813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1,376 तारांकित प्रश्न शामिल (CG Budget Session 2026) हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक अविलंबनीय चर्चा, 13 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल की 9 सूचनाएं और 112 याचिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह बजट सत्र न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि राजनीतिक और विधायी गतिविधियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
