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Tetgama Village Murder : एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाया…गांव में पसरा सन्नाटा…अंधविश्वास की आग में झुलस गई मानवता…

पूर्णिया, 7 जुलाई| Tetgama Village Murder : बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज की सोच और इंसानियत दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के टेटगामा गांव में अंधविश्वास के नाम पर एक ही परिवार के पांच लोगों को डायन बता कर पहले बेरहमी से पीटा गया, फिर जिंदा जलाकर मार डाला गया। यह घटना न सिर्फ भारत में अंधविश्वास की गहराई को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आज भी कहीं-कहीं इंसान जानवर से भी नीचे गिर सकता है।

डायन बताकर परिवार को मिटा दिया गया

गांव के ही रामदेव उरांव के बेटे की मृत्यु के बाद कुछ ग्रामीणों ने इसका दोष मृतकों के परिवार पर मढ़ दिया। उनका दावा था कि परिवार की एक महिला ‘डायन’ है और उसी ने बीमारी फैलाई (Tetgama Village Murder)है। इसके बाद गांव की भीड़ ने पांच लोगों को घर से खींचकर बाहर निकाला, पीटा और फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया।

https://navpradesh.com/maoist-commander-killed/

मारे गए लोगों के नाम:

बाबूलाल उरांव

सीता देवी

मनजीत उरांव

रनिया देवी

तपतो मोसमत

सभी मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे।

गांव खाली, जांच जारी

घटना के बाद गांव पूरी तरह खाली हो गया है।

पुलिस गश्त कर रही है, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर है।

मुख्य आरोपी नकुल कुमार को गिरफ्तार किया गया (Tetgama Village Murder)है।

पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में गांव और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर रही है।

https://www.youtube.com/watch?v=B7ZN_1iVpcs

बचा एक मात्र वारिस, ललित की दर्दनाक गवाही

मृतक परिवार के सदस्य ललित उरांव ने पुलिस को बताया,

“हमें डायन बताया गया, पहले पीटा, फिर आग लगा दी गई। मैं किसी तरह जान बचाकर भागा।”

ललित का यह बयान घटना की भयावहता और गांव के माहौल की गवाही देता है।

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