Ayush University : मेडिकल कोर्स को निजी विश्वविद्यालयों के हाथों सौंपने का विरोध शुरू

Ayush University : मेडिकल कोर्स को निजी विश्वविद्यालयों के हाथों सौंपने का विरोध शुरू

रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ में मेडिकल पाठ्यक्रमों को निजी विश्वविद्यालयों के हाथों सौंपने की तैयारी के बीच नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इसका विरोध शुरू कर दिया। शासन के इस फैसले को हाईकोर्ट में भी चुनौदी दी जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, आयुष विश्वविद्यालय पिछले 10 माह से चिकित्सा शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में अपना अभिमत (पत्र संलग्न ) संबंधित सारे विभागों एवं उच्च अधिकारियों को समय-समय पर दे रहा है। साथ ही इस ओर अपनी चिंता भी जाहिर कर रहा (Ayush University) है।

चिकित्सा शिक्षा भी निजी विश्वविद्यालयों को ऐसे समय पर दी जा रही है। जब प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों के फ र्जीवाड़े आम है। इस पर शासन स्वयं की जांच रिपोर्ट यह बताती है कि निजी विश्वविद्यालय ना कोई रिकॉर्ड रख रहे हैं ना ही शासन के कोई नियम को मान रहे।

प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा को बेचने के ऐसे सारे प्रयासों का विरोध करेगा और इसके खिलाफ  मुख्यमंत्री से शिकायत भी करेगा। अगर जल्दी इस मामले पर कोई ठोस पहल राज्य सरकार नहीं करती तो संगठन इसे हाईकोर्ट में भी चुनौती देगा।

गुणवत्ता को लेकर शिकायत नहीं : नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन का दावा है कि आयुष विश्वविद्यालय के गठन 2008 के बाद से आज तक विश्वविद्यालय में कोई विवाद उत्पन्न नहीं हुआ या गुणवत्ता को लेकर ऐसी कोई शिकायत नहीं (Ayush University) हुई।

जब कोई विवाद की स्थिति भी हुई तो इस सरकारी विश्वविद्यालय ने अपनी मौजूदगी दर्ज की है। इसी वर्ष निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश के समय निजी महाविद्यालयों में गुणवत्ता की दुहाई देकर चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश रोकने का भी दावा किया है।

दो ही कोर्स निजी विश्वविद्यालयों के हाथों में नहीं : छत्तीसगढ़ प्रदेश में सिर्फ दो ही ऐसे पाठ्यक्रम है जो निजी विश्वविद्यालयों के हाथों में नहीं है। इनमें पहला पाठ्यक्रम चिकित्सा शिक्षा से जुड़ा है जो पूरे प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय संचालित करता है। वहीं कृषि से जुड़े सारे पाठ्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित (Ayush University) है।

आयुष विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विभाग के अधीन काम करता है तो वहीं कृषि विश्वविद्यालय कृषि मंत्रालय के अधीन है। बाकी परंपरागत विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के अंतर्गत आते हैं और निजी विश्वविद्यालयों के लिए नियामक संस्था छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग है।

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