8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग का मेगा प्लान, 69,000 न्यूनतम वेतन और 5 प्रमोशन के प्रस्ताव से कर्मचारियों में उत्साह

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर निकलकर सामने आ रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी नई सिफारिशों को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कमर कस ली है। नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्ट कमेटी ने सरकार के समक्ष एक व्यापक और दूरगामी प्रस्ताव रखा है,
जिसमें वेतन, भत्ते और प्रमोशन के नियमों में आमूल-चूल परिवर्तन करने की वकालत की गई है। यदि सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है, तो 2026 से सरकारी कर्मचारियों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
न्यूनतम बेसिक सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission)
इस नए प्रस्ताव की सबसे प्रमुख और चौंकाने वाली मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर है। वर्तमान में जो न्यूनतम वेतन ₹18,000 है, उसे सीधे बढ़ाकर ₹69,000 करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके लिए कर्मचारी संगठनों ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है।
संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन स्तर को देखते हुए वेतन में यह उछाल बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, 1 जनवरी 2026 से नए वेतनमान लागू करने की समय-सीमा तय करने की भी मांग की गई है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा।
सालाना 6% इंक्रीमेंट और सरल पे-मैट्रिक्स का फॉर्मूला
कर्मचारियों की आय को महंगाई के साथ बेहतर तरीके से समायोजित करने के लिए हर साल 6% वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का प्रस्ताव दिया गया है। अभी यह दर काफी कम है, जिससे लंबी अवधि में कर्मचारियों की क्रय शक्ति प्रभावित होती है। इसके अलावा, ड्राफ्ट में मौजूदा जटिल ‘पे मैट्रिक्स’ को सरल बनाने का सुझाव दिया गया है।
7वें वेतन आयोग के वर्तमान 18 लेवल को घटाकर केवल 7 लेवल करने की बात कही गई है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों के लिए प्रमोशन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी और वे लंबे समय तक एक ही ग्रेड पे पर नहीं अटकेंगे।
पेंशन सुधार और पदोन्नति के नए मानक
पेंशनभोगियों और भविष्य के रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए भी इस ड्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल (8th Pay Commission) हैं। सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो 2004 के बाद सेवा में आए हैं।
साथ ही, पेंशन की राशि को अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) का 67% करने और फैमिली पेंशन को 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। करियर ग्रोथ को सुनिश्चित करने के लिए यह मांग भी रखी गई है कि 30 साल की पूरी सेवा अवधि के दौरान एक कर्मचारी को कम से कम 5 प्रमोशन या वित्तीय अपग्रेड अनिवार्य रूप से मिलने चाहिए।
भत्तों में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा का दायरा (8th Pay Commission)
वेतन के अलावा सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मेट्रो शहरों में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को बढ़ाकर 30% या उससे अधिक करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मुआवजे की राशि बढ़ाने और बेहतर बीमा कवर प्रदान करने की सिफारिश (8th Pay Commission) की गई है।
पारिवारिक जिम्मेदारियों को समझते हुए मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) को 240 दिन करने और पितृत्व अवकाश के साथ-साथ ‘पैरेंट केयर लीव‘ के दायरे को बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, ये सभी बिंदु अभी प्रारंभिक प्रस्ताव का हिस्सा हैं और इन पर अंतिम मुहर केंद्र सरकार को ही लगानी है।



