भारत में हो सकता है ऐंबैसडर कार का कमबैक

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नई दिल्ली। फ्रेंच ऑटोमेकर पीएसए ग्रुप भारत में जल्द अपना ऑपरेशंस शुरू करेगी। पुजॉ, सिथॉएन और डीएस जैसे ब्रैंड्स का मालिकाना हक पीएसए ग्रुप के पास है। पीएसए ने भारत में ऐंबैसडर ब्रैंडर को खरीद लिया है। पीएसए ने सी.के.बिड़ला ग्रुप के साथ फिफ्टी-फिफ्टी साझेदारी की है। नवंबर 2017 में पीएसए और सी.के.बिड़ला ग्रुप ने अपने पावरट्रेन प्लांट के निर्माण की शुरुआत के अवसर पर होसुर, तमिलनाडु में एक भव्य समारोह की मेजबानी की थी। फाइनैंशल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जॉइंट वेंचर ने गाड़ी और पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के लिए 700 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी।
पावरट्रेन प्लांट की शुरुआती मैन्युफैक्चरिंग कपैसिटी करीब 2,00,000 यूनिट प्रति साल होगी। होसुर स्थित प्लांट को 2019 तक चालू होने की उम्मीद है और वहां गीयरबॉक्स एवं इंजन का निर्माण होगा। पावरट्रेन की मैन्युफैक्चरिंग कपैसिटी भारत और विदेशी मार्केट की जरूरतों को पूरा करेगी। दो सालों के अंदर कंपनी भारत में अपना ऑपरेशंस शुरू कर सकती है और गाडिय़ों का पहला सेट 2020 तक सड़कों पर आ सकता है। मामले के जानकार सूत्रों का कहना है कि कंपनी का पहला प्रॉडक्ट हैचबैक होगी और उसके बाद क्रासओवर स्टाइल पर फोकस करेगी। उम्मीद है कि पीएसए ग्रुप भारत में चरणों में प्रॉडक्ट्स लॉन्च करेगा न कि एकाएक प्रॉडक्ट्स की बाढ़ लाएगा। धीरे-धीरे कंपनी अपने प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाएगी और प्रसिद्ध ऐंबैसडर का प्रॉडक्शन फिर से शुरू हो सकता है। फरवरी 2017 में पुजॉ (पीएसए ग्रुप) ने हिंदुस्तान मोटर्स से 80 करोड़ रुपये में ऐंबैसडर कार ब्रैंड को खरीद लिया था।

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