Youth Of Bastar : जूनून ऐसा की घर पर ही बस्तर के युवा ने बना डाली मिनी बाइक

Youth Of Bastar : जूनून ऐसा की घर पर ही बस्तर के युवा ने बना डाली मिनी बाइक

जगदलपुर/नवप्रदेश। कहते हैं हद से ज्यादा जुनून ऐसे-ऐसे काम करवा देता है जिसकी कल्पना भी आप नहीं कर सकते। ऐसा ही जुनूनी वाक्या इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल, 32 वर्षीय युवक ने बचपन के अपने जुनून में मदहोश होकर अपने घर में ही मिनी बाइक बना डाली। तकरीबन ढाई फीट ऊंची और साढ़े चार फीट लम्बी इस बाइक को मिनी स्पोट्र्स बाइक की शक्ल देने के बाद अब शहर सहित आसपास के जिलों में इनके चर्चे हो रहे।

शहर में फर्राटे से जब इनकी छुटकी गुजरती है तो लोग दांतों तले अंगुलियां दबाने मजबूर हो (Youth Of Bastar) रहे। शहर के इंदिरा वार्ड में रहने वाले शादाब आबेदीन बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें बाइक का शौक रहा है।

सन्नी नाम की स्कूटी मॉडल की दुपहिया को महज 7 वर्ष की आयु में ही देखकर इनके मन में ऐसी ही मिनी बाइक बनाने का जुनून सवार हो चुका थाद्ध तब से लेकर अपने 32 वर्ष की आयु होते तक ये तरह-तरह के जुगाड़ करते रहे और कई जगहों से जानकारी एकत्रित करते रहे।

आखिरकार, दिसम्बर 2019 में तय किया कि अब वे इतने काबिल हो चुके हैं कि एक मिनी बाइक बना सकें। फि र क्या था, शादाब निकल पड़े अपने सपने को साकार करने और पहुंच गए कबाड़ी की दुकान में। जी हां, आपने सहीं पढ़ा, कबाड़ी की दुकान से इन्होंने एक सेकेंड हैंड स्कूटी पेप 2009 मॉडल की बंद गाड़ी महज 1500 रुपए में खरीदी ली।

अब शुरू हुआ इस बंद गाड़ी को चालू करने का सिलसिला जिसमें इंजन और वायरिंग सहित अन्य छोटे-मोटे खर्च मिलकर तकरीबन 8 हजार रुपए में चालू हो (Youth Of Bastar) गयी। इस मिनी स्पोट्र्स बाइक को पूरा करने में तकरीबन 30 हजार रुपए खर्च आया।

इस तरह तैयार किया अपनी छुटकी : शादाब बताते हैं कि पेप्ट को मिनी स्पोर्ट्स बाइक की शक्ल देने के लिए घर पर ही अपने पिता के वेल्डिंग मशीन और अन्य औजारों की मदद से पहले चेसिस को काट कर छोटा किया। सबसे कठिन कार्य पेप के इंजन सहित अन्य पूर्जों को इस नए चेसिस में लगाने का था जिसे बहुत ही शानदार तकनीकी दीमाग का प्रयोग करते हुए शादाब ने बारीकी से पूरा ((Youth Of Bastar)) किया।

इसके बाद ऊंपरी ढांचे को जो कि मेटल और फाइबर से बना हुआ है उसे भी पूरी तरह से हाथ से बनाया गया। बता दें कि प्रत्येक पूर्जे को सहीं ढंग से लगाने के लिए 5-7 मर्तबा कोशिश की गयी तब जाकर आखिरकार इतने सुन्दर मिनी बाइक बन पायी। यही नहीं, वर्ष 2014 में भी शादाब ने बुलेट क्लासिक 350 मॉडल को हार्ले डेविडसन की शक्ल देने में कामयाब हो चुके हैं।

सेल्फी लेने की लगी होड़ : इस मिनी बाइक को शादाब छुटकी के नाम से पुकारते हैं. कहते हैं कि गत 04 अप्रैल को जब से अपने घर के गेराज से सड़क पर निकाले हैं तब से ही मोहल्ले सहित शहरवासी इनकी छुटकी के साथ सेल्फ ी ले रहे हैं. उन्हें ख़ुशी इस बात की है कि अब परिजन अपने बच्चों के लिए ऐसी ही मिनी बाइक बनाने को कह रहे हैं। शादाब का कहना है कि फि लहाल इस बाइक में और काम और बारीकियां बची हुई है जिसे वे सेकंड टॉप मॉडल के रूप में जल्द ही बनाएंगे।

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