तथाकथित समाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने एक बार फिर एक न्यूज चैनल से चर्चा के दौरान भड़काऊ बयान दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किये गये आंदोलन को लेकर उन्होंने टिप्पणी की है कि अब लोकतंत्र संसद से नहीं बल्कि सड़क से चलेगा और सरकार इलेक्शन से नहीं बल्कि प्रदर्शन से बनेगी। निश्चित रूप से उनका यह बयान लोगों को भड़काने वाला है और इसके लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। इसके पूर्व भी वे इसी तरह की भड़काऊ बयानबाजी करते रहे हैं और सरकार के खिलाफ होने वाले हर आंदोलन प्रदर्शन में बिन बुलाये मेहमान की तरह शामिल होकर अपनी भड़ास निकालते रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर किये गये प्रदर्शन पर भी वे उनका समर्थन कर युवाओं को भड़काते हुए नजर आये थे जब केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तो सबसे ज्यादा दुख इस जन्मजात आंदोलनजीवी योगेन्द्र यादव को हुआ था उन्होंने इस पर टिप्पणी की थी कि उन्हें इस आंदोलन की इतनी जल्दी खत्म होने की उम्मीद नहीं थी। जाहिर है योगेन्द्र यादव चाहते थे यह आंदोलन भी शाहिन बाग और किसान आंदोलन की तरह लंबा चले ताकि देश में अराजकता फैले और उन्हें इस आंदोलन के बहाने अपनी राजनीति चमकाने का अवसर मिले।
गौरतलब है कि शाहिन बाग और किसान आंदोलन में भी ै योगेन्द्र यादव ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। यहां तक की जब पेपर लीक मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के निवास के सामने धरना दिया था जिसमें सिर्फ कांग्रेसी नेता ही उपस्थित थे वहां भी योगेन्द्र यादव अपनी मुंडी घुडेंटने पहुच गये थे। ये वही ै योगेन्द्र यादव हैं जिसे आम आदमी पार्टी ने धक्के मारकर निकाला था इन्होंने उस समय आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था जब आम आदमी पार्टी नई दिल्ली में एकतरफा जीत हासिल की थी भाजपा को सिर्फ 3 सीटें मिली थी और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था।
मतलब आम आदमी पार्टी का तूफान चला था और समय योगेन्द्र यादव की जमानत जब्त हो गई थी। आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी भी बनाई थी जिसका अब कोई अता पता नहीं है। ऐसे भड़काऊ बयानबाजी करने वाले ै योगेन्द्र यादव के खिलाफ कार्यवाही न होना ताज्जुब की बात है।
